बिजनौर में अंतर राज्यीय गोत्र प्रतिनिधि सम्मेलन में समाज का मूल आधार गोत्र पद्धति को बताया गया। बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए अखिल भारतीय गोत्र प्रतिनिधि सभा का गठन किया गया। भगवंत ग्रुप के चेयरमैन इंजीनियर अनिल सिंह को सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
बुधवार को एक सभागार में हुए कार्यक्रम में शीर्ष अतिथि हरियाणा के पूर्व डीजीपी डा. महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि गोत्र परंपरा नहीं बल्कि मानव सभ्यता का प्राचीनतम इतिहास है। जाट कभी सिर नहीं झुकाते और दूसरों की मदद करते हैं। जाट एक जाति नहीं बल्कि विचारधारा का नाम है।
उन्होंने कहा कि एक गोत्र के सभी भाई आपस में रक्त वंशज के रूप में मान्यता प्राप्त हैं। सामाजिक मान्यताओं के रूप में अपने गोत्र में विवाह संबंध नहीं होते हैं। इंजीनियर अनिल सिंह ने कहा कि गोत्र पद्धति जात-पात से ऊपर है और चार हजार साल पुरानी है। गोत्र पद्धति हिंदू समाज की विशेषता है।
कहा कि आज देश के युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर भाग रहे हैं। अखिल भारतीय गोत्र प्रतिनिधि सभा युवाओं को संस्कृति का महत्व बताएगी। जम्मू के पूर्व मेयर और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि जाट समाज देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सीमा पर सबसे ज्यादा बलिदान देता है।
तरराष्ट्रीय निशानेबाज दादी चंद्रो देवी ने बेटियों को शिक्षा दिलाकर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। काशीपुर की मेयर डा. ऊषा चौधरी ने बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ को सार्थक करने को कहा। बिजनौर पब्लिक स्कूल, भगवंत पब्लिक स्कूल, एचएम पब्लिक स्कूल, अभिनव वैदिक विद्यालय के बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी अतिथियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
अध्यक्षता सीताराम राणा और संचालन सुरेश आर्य ने किया। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। डा. पंकज भारद्वाज, पूर्व अपर आयुक्त अशोक चौधरी, रमेश देशवाल, कबड्डी खिलाड़ी राहुल चौधरी, रामनारायण चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, निपेेंद्र काकरान मौजूद रहे।