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डिग्री का रौब छोड़ थाम लो झाडू, नहीं तो जाएगी नौकरी

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डिग्री का रौब छोड़ थाम लो झाड़ू, नहीं तो जाएगी नौकरी
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बिजनौर। एमए, बीए पास सफाईकर्मी हैं और डिग्री के रौब में सफाई नहीं कर रहे तो नौकरी चली जाएगी। पंचायतों में अब सफाई कर्मियों का बीए, एमए होने का रौब नहीं चलेगा। सफाई कर्मचारी हैं तो हाथ में झाड़ू थामनी ही पड़ेगी। सफाई कर्मचारी की जगह दूसरा व्यक्ति काम करता मिला तो नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। निरीक्षण के दौरान ऐसा ही एक मामला पकड़ में आ चुका है। डीएम उमेश मिश्रा ने ग्राम सचिवालय में सफाई कर्मचारी की हाजिरी का अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं।
जिले की 1123 पंचायतों में करीब 3000 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनमें बहुत से बीए, एमए हैं। इस तरह के आरोप लगते रहे हैं कि पढे़ लिखे सफाई कर्मचारी कम पढ़े लिखे या बिना पढ़े प्रधानों पर रौब गालिब करते हैं। ये सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इसके बदले सफाई के लिए मजदूर रखने के भी आरोप हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार ने जलीलपुर ब्लॉक की एक पंचायत के औचक निरीक्षण के दौरान ऐसे ही एक मजदूर को सफाई कर्मचारी के स्थान पर सफाई करते पकड़ा था। सफाई कर्मचारी पकड़े गए व्यक्ति को रोज के आधार पर मजदूरी देता था। आरोप है कि मामले में पंचायत राज विभाग के ब्लॉक अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई थी।
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100 दिन के एजेंडे ने दिखाया रंग
मुख्यमंत्री के 100 दिन के एजेंडे में पंचायतों की सफाई भी शामिल है। गांवों में सफाई का निरीक्षण करने के लिए डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर डीपीआरओ सतीश कुमार गांव-गांव जा रहे हैं। पंचायतों में गंदगी मिलने पर करीब एक दर्जन सफाई कर्मचारी निलंबित किए गए हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में दिलचस्पी नहीं लेने पर तीन प्रधानों का जवाब तलब किया गया। डीपीआरओ का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति सफाई कर्मचारी नियुक्त है तो उसे हाथ में झाड़ू उठाकर सफाई करनी होगी। भले ही वह बीए, एमए या पीएचडी हो। प्रधान इस तरह के मामलों की जानकारी सीधे डीपीआरओ को दें। कहा इस तरह के सफाई कर्मचारी को संरक्षण देने वाले प्रधानों पर भी कार्रवाई होगी। डीएम उमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पंचायत सचिवालय में पंचायत सहायक, सफाई कर्मचारी, सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर की उपस्थिति हेतु अलग-अलग रजिस्टर बनाने जाएं। अधिकारियों के निरीक्षण का रजिस्टर अलग से होगा। ग्रामीणों की शिकायत का रजिस्टर बने, समस्याओं की डीपीआरओ को प्रतिदिन जानकारी दें।
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दीवार पर ये नंबर लिखने हैं
डीएम उमेश मिश्रा ने ग्राम सचिवालय की दीवार पर पुलिस कंट्रोल रूम, मुख्यमंत्री हेल्प लाइन नंबर, महिला हेल्प लाइन नंबर, विद्युत हेल्प लाइन नंबर, अग्निशमन केंद्र नंबर, एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर अंकित करने की हिदायत दी है। साथ ही ग्राम पंचायत की छह समितियों व उनके सदस्यों के नाम सचिवालय की दीवार पर लिखने के निर्देश हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच कराई जाएगी।
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