मौके पर मौजूद अन्य लोगों के शोर मचाने पर बाघ युवती को वहां छोड़कर भाग गया। मौके पर ही युवती की मौत हो गई। घटना से मृतका के परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने बताया कि शबुरा की 17 जनवरी को निकाह की तारीख निश्चित की जानी थी। मृतका का निकाह हरिद्वार गैंडीखत्ता गुर्जर बस्ती से हो रहा था।
सूचना पर वन अधिकारी खुशबू उपाध्याय, सीओ अर्चना सिंह और रेहड़ थानाध्यक्ष धीरज सोलंकी मौके पर पहुंचे। अमानगढ़ के झुलुखत्ते में रह रहे वन गुर्जर पशुओं का दूध बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीण मोहम्मद शफी, मुस्तफा, नूर मोहम्मद और ताज मोहम्मद सहित परिजनों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
- बाघ को पकड़ कर दूसरी जगह छोड़ने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ हमलावर हो रहा है। उन्होंने वन विभाग से बाघ को पकड़वाने और सुरक्षा की मांग की है। साथ ही उन्होंने अमानगढ़ रेंज सहित आसपास बसे गुर्जर परिवारों को 2006 के कानून वन अधिनियम के तहत दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराने की मांग की है।
- घटनास्थल तलाशती रही वन विभाग की टीम
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि रात में ही टीम के साथ उस स्थान की तलाश की गई, जहां पर बाघ ने युवती पर हमला किया था। वन गुर्जरों और आसपास के गांव के लोगों को भी समझाया गया है कि जंगल में प्रवेश न करें। साथ ही वन्य जीवों से सुरक्षा के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
- अमानगढ़ में 32 बाघ, 100 से ज्यादा हाथी
अमानगढ़ रेंज वन्य जीवों से भरपूर है। यहां पर पिछली बाघ गणना में 32 बाघ, 105 हाथी मौजूद हैं। वहीं, अमानगढ़ में विभिन्न स्थानों से छोड़े गए गुलदारों सहित करीब 60 से अधिक गुलदार हैं। इसके अलावा भालू आदि भी देखे जाते हैं। यहां पर अमानगढ़ क्षेत्र सहित आसपास करीब 200 परिवार निवास करते हैं।
- जो कैमरे लगे हैं, उनके फोटो देखकर पता लगाया जाएगा। जंगल में अधिक अंदर निकल गए थे। उन्हें समझाया गया है कि जंगल में ज्यादा अंदर न जाएं। संवेदनशील क्षेत्र से बचें। टीम उस क्षेत्र में गश्त कर रही है। पर्यटकों को सुरक्षा मानक समझाए जा रहे हैं। जिस क्षेत्र में घटना हुई है, उस क्षेत्र में पर्यटक नहीं जाते हैं। - अंशुमान मित्तल, एसडीओ, अमानगढ़
- वर्ष 2023 में जिले में यह रहे हालात
- 19 लोगों की जान इस साल गुलदार ने ली
- 29 बड़े गुलदार पिछले साल रेस्क्यू किए गए
- 09 गुलदार के शावक पिछले साल जंगल में मिले
- 12 गुलदार पिछले वर्ष दुर्घटना या संघर्ष में मारे गए
- 104 गांवों को गुलदार के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया
- 22 गांव बाघों को लेकर संवेदनशील घोषित किए गए
- 400 से ज्यादा गुलदार गन्ने के खेतों में होने की संभावना
- अमानगढ़ के झुलुखत्ता में कार्बेट पार्क के बाघ के हमला करने की आशंका
कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों में चार लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले बाघ के निशाने पर ही तो युवती नहीं आ गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने सीमा पर कैमरा ट्रैप लगाने शुरू किया।
बाघों की राजधानी के रूप में विश्व विख्यात कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में बाघों ने चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। खूंखार हो चले बाघों की दहशत कम करने के लिए वन विभाग में ढिकाला एवं ढेला में बाघों का रेस्क्यू किया था। 18 अक्तूबर को कालागढ़ रेंज में पवन कुमार, 12 नवंबर को ढिकाला में शिवम गुरुम, 23 नवंबर को ढिकाला में रामबहादुर वनकर्मी/श्रमिक एवं छह दिसंबर को ढेला में अनीता नाम की ग्रामीण महिला बाघ के हमले में जान गवां चुके हैं।
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सभी को बाघ ने खाया है। बाघों के खूंखार हो जाने पर 23 नवंबर से ढिकाला का ग्रासलैंड भी पर्यटकों के लिए बंद है। वन विभाग इस ग्रासलैंड को खोले जाने के लिए डीएनए रिपोर्ट का इंतेजार कर रहा है।
- अमानगढ़ की घटना पर सतर्कता बढ़ाई
गरबा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगांथ नायक का कहना है कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की घटना में युवती के मारे जाने को लेकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने गंभीरता से लिया है। सीमावर्ती क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। सतर्कता बढ़ाई गई है।
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- घटनास्थल कॉर्बेट की सीमा पर
कार्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटि का कहना है कि डेला वाले बाघ की निगरानी चल रही है। यह कहना बड़ा मुश्किल है कि कार्बेट का बाघ अमानगढ़ में पहुंचा होगा। जहां तक युवती के मारे जाने की घटनास्थल का संबंध है, वह कार्बेट की सीमा के लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर के बीच में स्थित है। इसलिए किसी भी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। सीमा पर गश्त की जा रही है।