डिग्री कॉलेज में आसान नहीं है प्रमोट होना
बिजनौर। शासन ने विश्वविद्यालयों के स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों को प्रोन्नत करने के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार छात्रों को अगली कक्षा में जाना आसान नहीं होगा। विश्वविद्यालय को परीक्षा नियमावली बनाकर 18 जून तक शासन को भेजनी है।
एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई है। जो छात्र स्नातक प्रथम वर्ष में पंजीकृत हैं, उनका वर्ष 2022 में होने वाली द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंक के आधार पर प्रथम वर्ष का परिणाम तथा अंक निर्धारण किया जाएगा। जहां वर्ष 2020 में प्रथम वर्ष की परीक्षा हुई थी वहां प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर द्वितीय वर्ष का परिणाम तथा अंक निर्धारण होगा। उसके अनुसार छात्रों को तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा। जहां वर्ष 2020 में प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई थी, वहां द्वितीय वर्ष की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा परिणाम के आधार पर तृतीय वर्ष में प्रवेश मिलेगा। रूहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रूटा के अध्यक्ष एवं वर्धमान कॉलेज बिजनौर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि कॉलेजों में निर्देश आ गए हैं।
परीक्षा प्रणाली का होगा सरलीकरण
शासन की परीक्षा प्रणाली आसान बनाने की योजना है। बताया गया कि एक विषय के सभी प्रश्नपत्रों को सम्मिलित करके एक ही प्रश्न पत्र हो सकता है। प्रश्न बहुविकल्पीय व ओएमआर आधारित हो सकते हैं। परीक्षा अवधि तीन घंटे से कम करके दो घंटे की जा सकती है। निर्देश में कहा गया है कि जो छात्र परीक्षा के घोषित परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे वर्ष 2022 में आयोजित होने वाली बैंक पेपर परीक्षा या वर्ष 2022-23 में आयोजित होने वाली वार्षिक/ सेमेस्टर परीक्षा में अपने अंक सुधार सकते हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी को बनाया जाएगा समृद्ध
उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गुणवत्तायुक्त 76000 से अधिक ई- कंटेंट छात्रों को उपलब्ध कराए गए हैं। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के साथ आईआईटी खड़गपुर के माध्यम से एमओयू हस्ताक्षरित किया है। छात्र डिजिटल लाइब्रेरी की समृद्धता से अधिक लाभान्वित होंगे।