बिजनौर। विधानसभा चुनाव में सपा, कांग्रेस-रालोद में महागठबंधन की आस से जिले की सियासत गरमा गई है। जिले की चांदपुर, नहटौर सीट रालोद और बढ़ापुर कांग्रेस के खाते में जा सकती है। भाजपा व सपा के कई नेताओं ने दो सीटों पर टिकट पाने के लिए रालोद की ओर रुख कर लिया है।
आयोग ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पक्ष में साइकिल चुनाव चिह्न का फैसला सुनाया। फैसले के बाद से सियासी गलियारों में खलबली मच गई। सपा, कांग्रेस-रालोद के बीच महागठबंधन की उम्मीद जग गई है। सपा के चुनाव चिह्न की वजह से यह महागठबंधन अभी तक अटका पड़ा था। महागठबंधन हुआ तो रालोद के खाते में चांदपुर व नहटौर सीट जा सकती हैं। कांग्रेस के खाते में बढ़ापुर सीट जाने की उम्मीद है।
सपा को बिजनौर, नजीबाबाद, नूरपुर, धामपुर, नगीना सीट मिलने की उम्मीद है। हालांकि कांग्रेस कई सीट लेना चाहती है। नजीबाबाद सीट पर कांग्रेस के नेता सुधीर पाराशर ने काफी पहले से चुनाव की तैयारी कर रखी है। सीटों को लेकर जिले की राजनीति में भी हलचल मची है। राजनीतिक गलियारों में दिनभर इस गठबंधन पर चर्चा होती रही। सबकी नजर इस गठबंधन पर टिकी है।
उधर, गठबंधन होता देख भाजपा व सपा के टिकट से वंचित रह गए दावेदारों ने रालोद की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। जिले की एक सीट से भाजपा का टिकट मांग रही एक महिला नेता ने भी रालोद के दिल्ली कार्यालय पर टिकट के लिए दस्तक देनी शुरू कर दी है। सपा के कई नेता भी रालोद कार्यालय पर डेरा डाले हुए हैं। ये नेता चांदपुर व नहटौर सीट पर टिकट चाहते हैं। जिले के रालोद नेताओं से भी टिकट चाहने वाले सिफारिश लगवा रहे हैं।