मतदान जागरूकता के लिए निर्देश देते सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी।
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बिजनौर। जिला प्रशासन ने चुनाव प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। चुनाव प्रशिक्षण के बाद कर्मचारियों को परीक्षा देनी होगी। करीब 13 हजार कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। महिलाओं की चुनाव में ड्यूटी लगी है। चुनाव कर्मियों की दो दिवसीय प्रथम ट्रेनिंग 22 जनवरी से वर्धमान कालेज में शुरू होगी।
विधान सभा चुनाव में कर्मचारियों की तैनाती का काम पूरा हो गया है। जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में 2639 मतदेय स्थल हैं। प्रत्येक मतदेय स्थल की पोलिंग पार्टी में चार कर्मचारी होते हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर 10 प्रतिशत कर्मचारी रिजर्व में हैं। महिलाओं की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। उधर, कर्मचारियों को प्रोजेक्टर व इवीएम ट्रेनिंग अलग-अलग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद कर्मचारियों की परीक्षा होगी। यदि कोई कर्मचारी परीक्षा में फेल होता है तो उसे दुबारा ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसके अलावा प्रशासन पोलिंग पार्टियों में लगे कर्मचारियों को शतप्रतिशत मतदान कराने की तैयारियों में जुट गया है। आयोग की मंशा है कि सभी कर्मचारी अपना वोट डाले। इसके लिए चुनाव ड्यूटी वितरण के साथ ही कर्मचारियों को प्रपत्र 12 बांटा जाएगा। इनकी नहीं लगी है चुनाव में ड्यूटी ः सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार, मई 2017 में रिटायर होने वाले, सीसीएल लीव पर चल रही महिलाओं, आवश्यक सेवाओं से जुडे कर्मचारियों जैसे विद्युत, स्वास्थय, परिवहन विभाग के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया गया है। जिले में उक्त कैटगिरी के करीब छह हजार कर्मचारी हैं।