ग्राम मुगलबेड़ा के जंगल में पड़े कैमिकल्स से भरे ड्रम।
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किरतपुर में ग्राम मुगलबेड़ा में केमिकल्स से भरी कैनों से गैस रिसाव होने पर खलबली मच गई। रिसाव से चारों ओर धुआं फैलने से आसपास के लोगों की नींद उड़ गई। गैस के प्रभाव से गांव वालों को चक्कर आने लगे व आंखों में जलन होने लगी। गांव वालों ने पूरी रात जागकर गुजारी। पुलिस ने केमिकल से भरे कैनों को जमीन में दबाने की कोशिश की तो गांव वालों ने इसका विरोध किया। बाद में कैन एक पेपर मिल की सुपुर्दगी में दे दी गई हैं। कैन लाने वाला व्यक्ति फरार है।
बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे ग्राम मुगलबेड़ा, शहापुर सुक्खा में धुआं फैलने, आंखों में जलन होने, चक्कर आने व सांस लेने में दिक्कत होने पर लोगों घरों ने बाहर आ गए। आसपास देखा तो जंगल से गैस रिसाव हो रहा था। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंची तो देखा कि एक ट्रैक्टर ट्राली में केमिकल से भरी कन रखी थीं और उनसे गैस रिसाव हो रहा था। गैस रिसाव होने से आसपास धुआं फैल रहा था। पुलिस ने जेबीसी मंगाकर गैस रिसाव कर रही कैनों को दबवाने की कोशिश की तो गांव वाले भड़क गए और कैनों को दबाने का विरोध करने लगे।
पुलिस ने कुछ घंटों की मशक्कत के बाद सभी कैन एक पेपर मिल की सुपुर्दगी में दे दी। पुलिस के अनुसार कैनों में एचसीएल गैस भरी थी। जो लिकेज होने पर चारों ओर फैल गई। यह गैस गत्ता फैक्ट्रियों में लुग्दी बनाने के काम आती है। किसी पेपर मिल में ही यह कैन सप्लाई होनी थी। कैनों के पदार्थ की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार कैन मुगलबेड़ा निवासी रिजवान ने मंगाई थी। शाम से ही कैनों में गैस रिसने लगी तो रात में वह उन्हें ट्रैक्टर टाली में भरकर जंगल खेतों में ले गया, लेकिन वहां भी गैस रिसाव हवा के साथ वातावरण में फैल गया और ग्रामीणों की आंखों में जलन होने लगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही रिजवान फरार हो गया।
गैस रिसाव से सैकड़ों लोग रात भर परेशान रहे। उधर, इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह के मुताबिक रिजवान ही बता पाएगा कि वह केमिकल किस मकसद से लाया था। केमिकल उसने खेत में डाल दिया था। केमिकल गत्ता व पुराना कागज गलाने में काम आता था। हो सकता है किसी ने यह केमिकल उससे मंगवाया हो। पूरे मामले की जांच की जा रही है।