जलीलपुर। गंगा का पानी स्टेट हाईवे बहसूमा ठाकुरद्वारा पर बहने से पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट फिर से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे सड़क पर आवागमन बंद है। इस सड़क पर बुधवार को आवागमन बहाल हुआ था। मरम्मत के बाद शुक्रवार को पानी आते ही फिर से सड़क की मिट्टी पानी के साथ बह गई।
29 जुलाई को गंगा का पानी उफनकर खेत-खलिहान, रास्तों को पार कर स्टेट हाईवे बहसूमा-ठाकुरद्वारा पर बहने लगा था। पानी के तेज बहाव के साथ पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। सड़क में खाई बन जाने के कारण पानी कम होने पर भी आवागमन शुरू नहीं हो सका था।
मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख जलीलपुर कुंतेश देवी के पुत्र भाजपा नेता कपिल चौधरी ने सड़क मरम्मत का काम शुरू कराया। खाई बने स्थान पर सीमेंट के अतिरिक्त पाइप डालकर कर मिट्टी आदि से भराव करा सड़क को आवागमन योग्य बना दिया था। शुक्रवार को गंगा की जलधारा फिर से स्टेट हाईवे पर बहने लगी। पुलिस चौकी पांडवनगर व गांव नारनौर के बीच करीब दो फीट पानी सड़क पर बह रहा है। पुलिस चौकी के निकट सड़क में कटान हो गया है, जिसके चलते फिर से आवागमन बंद हो गया है। बाइक सवार ट्रैक्टर-ट्राली में बाइक लादकर पानी से पार जा रहे हैं। सड़क कटे स्थान पर लकड़ी, लोहे की जाली डालकर पैदल व बाइक पार हो रही हैं।
सड़क पर कार छोड़कर चले गए
जलीलपुर। दिल्ली, मेरठ की ओर से आने वाले दैनिक यात्रियों को कटी सड़क देखकर निराशा हुई। कार्य स्थल पर समय से पहुंचने की मजबूरी के कारण कई लोग अपनी कार को जंगल में ही छोड़कर पैदल व ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर अपने कार्य स्थलों पर गए। संवाद
रावली-ब्रह्मपुरी रपटे के ऊपर से बह रहा पानी
बेगावाला। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते मालन नदी में उफान आ गया है। जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार रात से ब्रह्मपुरी और रावली के बीच बने रपटे पर करीब दो फिट पानी बह रहा है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
शुक्रवार को छात्र-छात्राएं भी नाव के जरिए नदी पार कर स्कूल पहुंचे। छुट्टी के बाद उन्हें फिर नाव से ही वापस घर जाना पड़ा। इस दौरान बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई छोटे बच्चे पानी के डर से नाव में बैठने की हिम्मत नहीं जुटा सके, जिसके कारण वे स्कूल भी नहीं जा पाए। नदी का जलस्तर बढ़ने से रावली, ब्रह्मपुरी, शहजादपुर सहित दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। इन गांवों के अधिकांश लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है। मालन और गंगा नदी में पानी बढ़ने से किसानों को खेतों तक पहुंचने तथा पशुओं के लिए चारा लाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्रह्मपुरी गांव में भी जलभराव की स्थिति बन गई है। मालन नदी और बरसात के पानी से गांव के कुछ घरों के बाहर पानी भर गया है, जिससे लोगों को अपने ही घरों तक पहुंचने के लिए घुटनों तक पानी से होकर निकलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मालन नदी पर पुल निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है। शासन स्तर से पुल निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे हर वर्ष बरसात के मौसम में लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीण विनोद, रोहताश, शेर सिंह, भजन सिंह, वेदराम सिंह और समरपाल सिंह ने मांग की है कि मालन नदी पर शीघ्र ऊंचा पुल बनाया जाए, ताकि बरसात के दौरान क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े और स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।