पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा व दिल्ली आदि राज्यों व जिला बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, अमरोहा, हापुड़ आदि के यात्रियों के आम आवागमन के लिए हस्तिनापुर व जलीलपुर के बीच बने गंगा पुल पर शनिवार दोपहर से आवागमन बंद हैं। शनिवार दोपहर को पुल के निकट गंगा के कटान से सड़क कट गई थी। तब से लगातार कटान से सड़क धीरे-धीरे गंगा के पानी के साथ बहती जा रही है।
रविवार को लोक निर्माण विभाग मेरठ ने सड़क की मरम्मत करने के लिए पानी की धार की दिशा बदलने के प्रयास शुरू किए थे। गंगा में बल्ली व रेत के बोरे आदि लगाकर पानी की दिशा बदलने के प्रयास शुरू किए थे, लेकिन गंगा के उफान और तेज बहाव के चलते सारे प्रयास धरे रह गए और जो बल्ली बोरे लगाए थे, गंगा उन्हें भी बहाकर अपने साथ ले गई। तभी से कटान रोकने और सड़क मरम्मत का काम रुका हुआ है। गंगा लगातार कटान कर रही है, जिसके चलते गंगा पर बने पुल और सड़क के बीच अब करीब 40 मीटर का फासला बन चुका है। यही नहीं यह कटान अभी भी तेजी से जारी है। जिसके चलते आने वाले समय में नुकसान ज्यादा हो सकता है।
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बिजनौर की सीमा की ओर लगातार कटान, किसान चिंतित
गंगा हस्तिनापुर पुल के निकट लगातार बिजनौर की तरफ कटान कर रही हैं, जिसे रोक कर लोक निर्माण विभाग सड़क मरम्मत करने की योजना बना रहा है। पुल के निकट वाले स्थान पर सबका ध्यान है, मगर पुल के अपस्ट्रीम में करीब दो किलोमीटर पहले बिजनौर बैराज की ओर जलीलपुर के गांव सीकरी व रायपुर खादर के सामने गंगा तेजी से बिजनौर की सीमा की तरफ कटान कर रही है। उस पर किसी का ध्यान नहीं है। किसान हरविंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, राम सिंह, जगमिंद्र सिंह, कल्याण सिंह आदि ने मांग की हैं कि पुल के अपस्ट्रीम में कटान वाले स्थान पर तटबंध बनाया जाए। गंगा के कटान से किसान चिंतित हैं।