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कार्बेट पार्क की हाथीशाला में मां बनी गंगा

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कालागढ़ की हाथीशाला में बच्चे को दूध पिलाती मां गंगा। - फोटो : DHAMPUR
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कार्बेट पार्क की हाथीशाला में मां बनी गंगा
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कालागढ़/बिजनौर। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला में मादा हाथी गंगा ने शनिवार को एक मादा बच्चे को जन्म दिया। नए मेहमान के हाथीशाला में आने से वन विभाग में हर्ष की लहर है। जन्म के 11वें दिन नन्हें मादा हाथी का नामकरण किया जाएगा। इसकी तैयारी वन विभाग ने शुरू कर दी हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की हाथीशाला में शनिवार सुबह खुशी लेकर आई। सुबह करीब साढ़े चार बजे मादा हाथी गंगा ने एक मादा बच्चे को जन्म दिया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत कुमार शर्मा की देखरेख में जन्मा बच्चा व उसकी मां गंगा दोनों ही स्वस्थ हैं। बच्चा मां के साथ चहलकदमी कर रहा है। उधर, बच्चे के जन्म के बाद मादा हाथी गंगा ज्यादा चौंकन्नी नजर आ रही है और उसके आसपास आने जाने वालों पर नजर रख रही है। उधर, हाथी के जन्म के साथ ही वन विभाग में हर्ष की लहर है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि कार्बेट के लिए और कालागढ़ के लिए यह गौरव का विषय है। यहां अब दो बच्चे हो गए हैं। पहले बच्चे को दूसरी मादा हाथी कंचम्भा ने दो अगस्त 2018 को जन्म दिया था। उस बच्चे का नाम सावन रखा गया था।
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सावन की खुशी देखते ही बनती है
कालागढ़ की हाथीशाला में नन्हें मादा हाथी के बच्चे के जन्म लेते ही वहां पहले से मौजूद चार वर्षीय हाथी सावन की खुशी देखते ही बनती है। वह अपनी खुशी सभी हाथियों के साथ बांट रहा है। वह नानी कपिला के साथ प्रसन्न मुद्रा में नजर आ रहा है। महावत सुभाष राभा ने बताया कि कपिला हाथी अपने बच्चे गंगा के साथ कालागढ़ आई थी। अब गंगा ने भी यहां एक शावक को जन्म दिया है। वह अपनी पीढ़ी को बढ़ता देख रही है।
कालागढ़ की हाथीशाला में बढ़ रहा हाथियों का कुनबा
हाथीशाला की प्रभारी शादाब आलम ने बताया कि अब हाथीशाला में सात हाथी हो गए हैं, जिनमें दो बच्चे हैं। सभी हाथी स्वस्थ हैं। यहां हाथियों का रखरखाव उचित स्तर का है। महावत उनका पूरा ध्यान रखते हैं।
11 वें दिन होता है नामकरण
कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि हाथी का जन्म पूरे कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ के लिए गर्व का विषय है। बच्चे का नामकरण पूरी धूमधाम के साथ किया जाता है। जन्म के 11 दिन पूरे होने के बाद उसका नामकरण किया जाएगा।
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2017 में कर्नाटक से आए थे हाथी
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों की सुरक्षा व गश्त के लिए कर्नाटक राज्य से कालागढ़ में नौ हाथी आए थे। उस समय एक हथिनी कंचम्भा ने यहां एक बच्चे को जन्म दिया। महावत सुभाष राभा ने बताया कि वह असम राज्य के कामरूप जिले का निवासी है। वह इन हाथियों को लेकर आया था। अब यह हाथी यहां के माहौल में रच बस गए हैं। सभी स्वस्थ हैं।
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