गांधी जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते डीएम जगतराज।
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बिजनौर में डीएम जगतराज ने कहा कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी विश्व के प्रकाश पुंज थे। गांधी जी ने सत्य अहिंसा के सिद्धांत पर चलकर देश को आजाद किया। साबरमती का संत अब दुनिया के लिए प्रेरणास्पोत है। सादा जीवन और उच्च विचार के पोषक शास्त्री जी के आदर्श युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
डीएम जगतराज कलक्ट्रेट प्रांगण में गांधीजी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर झंडारोहण के बाद दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण किया। डीएम ने कहा कि आज के दिन पूरा देश गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री को याद करता है। यह दिन उनकी शिक्षाओं और विचारों से प्रेरणा प्राप्त करने का है। गांधीजी के जीवन के अनेक आश्चर्यजनक पहलू हमारे सामने आते हैं, जो एक देशभक्त व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत और अनुकरणीय होते हैं। गांधी जी सत्य व अहिंसा के पोषक , मानवीय मूल्यों के रक्षक , जाति भेदभाव के विरोधी, सर्वधर्म समभाव के पक्षधर, शांति के दूत, धैर्य एवं संकल्प के धनी, देश एंव राष्ट्र के भक्त, नारी के उत्थान के लिए समर्पित, सादगी और शालीनता की मूर्ति, पशु एवं समस्त क्रूरता के दुश्मन, आदि उनके जीवन के ऐसे पहलू हैं, जो भारत के इतिहास में इन विशेषताओं से सुसज्जित किसी एक भी व्यक्ति पर पूरे उतरते हों। आज इन दोनों महापुरुषों के जन्म दिवस के अवसर पर उनके जीवन दर्शन एवं चरित्र को अंगीकार करें, तभी उनकी जयंती के ऐसे आयोजनों का उद्देश्य सार्थक होगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनवर अहमद, प्रशासनिक अधिकारी आदि ने अपने विचार प्रस्तुत किए।