बिजनौर में खादी ग्रामोद्योग आयोग के कैलेंडर और डायरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो लगाए जाने के विरोध में समाज सेवकों ने पंचवटी कॉलोनी में एक दिन का उपवास रखा। समाज सेवकों ने इस कदम को बापू की उपेक्षा गांधी विरोधी विचारधारा को संरक्षण देने की कोशिश बताया है।
वक्ताओं ने आयोग के चेयरमैन विनय कुमार की आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि आयोग के चेयरमैन ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है।
वक्ताओं ने कहा कि गत वर्ष आयोग के महत्वपूर्ण कैलेंडर पर बापू के चित्र के साथ सत्तापक्ष के नेता का चित्र छापा गया था, तो इसका विरोध हुआ था, तब चेयरमैन ने दोबारा ऐसा नहीं करने का वादा किया था। हालांकि इस साल भी आयोग की डायरी व कैलेंडर पर महात्मा गांधी का चित्र हटाकर नरेंद्र मोदी का चरखा कातते हुए का फोटो लगा दिया गया है। वक्ताओं ने खादी व गांधी को ब्रांड एंबेसडर जैसे बाजारू शब्दों का प्रयोग करने पर रोष व्यक्त किया। कहा कि चरखा और खादी बापू के ग्रामीण अर्थशास्त्र के मूलमंत्र थे। उपवास स्थल से आयोग और केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर महात्मा गांधी को उपेक्षित करने की नीति को बंद करने तथा गांधीवाद दर्शन को न समझने वाले आयोग के चेयरमैन को हटाने की मांग की है।
उपवास सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चला। उपवास पर अनिल त्यागी, मुनीश त्यागी, मीनू गोयल, अशरफ गांधी, विरेश राजपूत, राजकुमार, यशपाल सिंह, शिखर सिंह, विजयपाल सिंह, शैफूल त्यागी आदि मौजूद रहे।