पैसा आने के बाद भी भुगतान न होने से किसानों में रोष
धामपुर। किसानों में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भारी असंतोष है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल ने 14 दिसंबर को नवीन पेराई सत्र के मद्देनजर छह नवंबर तक के गन्ना मूल्य भुगतान गन्ना समितियों को भेज दिया है। लेकिन गन्ना समितियों के अधिकारियों ने अभी तक किसानों का भुगतान नहीं किया है।
किसानों का आरोप है कि गन्ना विभाग के अधिकारी इस बाबत कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। जिससे किसानों में रोष है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द गन्ना समिति ने गन्ना मूल्य भुगतान उनके खातों में नहीं भेजा तो समिति के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दोनों का घेराव करेंगे। गन्ना समिति के पूर्व सभापति कुशल पाल सिंह, घासीराम, विक्रम सिंह, दिनेश, मनोज चौहान का कहना है कि गन्ना समिति के अधिकारी निरंतर किसानों की उपेक्षा कर रहे हैं। किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। अफसोस है कि जब धामपुर चीनी मिल नवीन पेराई सत्र में सरकार के बगैर गन्ना मूल्य घोषित किए गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिसंबर को कर दिया है। तो समिति के अधिकारियों को देरी क्यों कर रहे है। उन्हें तो पेमेंट आने के 24 घंटे के भीतर ही किसानों के खातों में डाल देना चाहिए था। उधर गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार कांट का कहना है कि सोमवार को हरहाल में पेमेंट किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा। दो दिन का अवकाश बीच में आने से नहीं भेजा जा सका है। भुगतान फिलहाल पुराने भाव से ही किया जा रहा है। क्योंकि अभी सरकार की ओर से गन्ना मूल्य घोषित नहीं है।