बिजनौर । आम की फल पर फल मक्खी कीट का खतरा मंडराने लगा है। यह बीमारी आम के फल पर मई माह से जुलाई तक बार-बार हमला करती रहती है। इस कीट से आम के फल को बचाव के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर बागवानों को दवाई एवं प्रयोग की मात्रा के बारे में जागरूक किया जा रहा है। ताकि आम के फल निरोगी रहे और उत्पादन अच्छा रहे।
जनपद में आम के बाग 9316 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित है। जिले में आम का अच्छा उत्पादन होता है। जनपद में उत्पादित आम के फल लोकल बाजार ही नहीं कई राज्यों में सप्लाई होते हैं। आंधी तूफान के साथ कीट का भी आम के फल पर खतरा रहता है। अफसरों के अनुसार मई से जुलाई तक आम के फल पर यह कीट का प्रकोप बना रहता है, जिससे आम के फल को काफी क्षति होती है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से बागवानों को कीट के नियंत्रण के लिए दवाई तथा उसे इस्तेमाल करने की पूर्ण विधि की जानकारी दी रही है, क्योंकि फल मक्खी कीट आम के फल को बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचाती है। कीट आम के अंदर जाकर गूदे को खाते हैं, जिससे फल खराब हो जाता है।
ऐसे करें कीटनाशक का प्रयोग
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि फल मक्खी कीट की रोकथाम के लिए मिथाइल यूजिनॉल 0.1 प्रतिशत ( 1.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी ), मैलाथियॉन 0.2 प्रतिशत ( 2.0 मिली लीटर प्रति लीटर पानी) का घोल बनाकर 8 से 10 जगह प्रति हेक्टेयर के हिसाब से चौड़े मुंह के डिब्बों में भरकर पेड़ों पर लटका दे। नर मक्खियां इन पर आकर्षित होती है। इससे वहां आने वाली मक्खियां मैलाथियॉन कीटनाशी के प्रभाव से नष्ट हो जाती हैं।
इस समय आम के फल पर फल मक्खी कीट का खतरा रहता है। कई बागों में यह कीट का असर पाया जाने लगा है। इस कीट के प्रकोप से बचाव के लिए बागवान समसामयिक उपाय कर अपनी फसल को सुरक्षित एवं स्वस्थ रख सकते हैं। आम निरोगी रखने तथा अच्छा उत्पादन के लिए बागवानों को जागरूक किया जा रहा है। -जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी