बिजनौर। रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा देने और यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज निगम की ओर से अतिरिक्त बसें चलाने के दावे किए गए थे, लेकिन एक साथ उमड़ी यात्रियों की भीड़ के आगे व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ा। बसों में सीट पाने के लिए पुरुष ही नहीं महिलाएं भी खिड़कियों से प्रवेश करती नजर आईं। कई महिलाओं ने खिड़की से ही अपने बच्चों को बस के अंदर बैठाया।
बृहस्पतिवार को मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, चांदपुर, धामपुर और नगीना समेत विभिन्न मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही। बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। बस आते ही यात्री सीट पाने के लिए दौड़ पड़ते रहे। भीड़ के कारण कई यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ा।
बस स्टैंड पर मौजूद संगीता, कविता रानी ने बताया कि रक्षाबंधन के चलते घर पहुंचना जरूरी था, लेकिन बस के इंतजार में काफी समय लग गया। एक महिला ने कहा कि बच्चों के साथ भीड़ में बस में चढ़ना बेहद मुश्किल रहा। महिलाओं ने बताया कि निशुल्क यात्रा की सुविधा अच्छी है, लेकिन यात्रियों की संख्या के अनुरूप बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी। परिवहन निगम की ओर से महिलाओं को 29 अगस्त की रात 12 बजे तक स्वयं और एक सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
उधर एआरएम अशोक कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर जरूरत वाले मार्गों पर बसों की संख्या और फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। एक साथ अधिक यात्री निकलने के कारण कुछ स्थानों पर भीड़ की स्थिति बन जाती है।
त्योहार से पहले चरमराई व्यवस्था... रक्षाबंधन से एक दिन पहले बिजनौर बस स्टैंड पर यात्रियों की भी- फोटो : हांसी के जिला सचिवालय में समाधान शिविर में शिकायते सुनते एसडीएम। स्रोत : प्रशासन
त्योहार से पहले चरमराई व्यवस्था... रक्षाबंधन से एक दिन पहले बिजनौर बस स्टैंड पर यात्रियों की भी- फोटो : हांसी के जिला सचिवालय में समाधान शिविर में शिकायते सुनते एसडीएम। स्रोत : प्रशासन
त्योहार से पहले चरमराई व्यवस्था... रक्षाबंधन से एक दिन पहले बिजनौर बस स्टैंड पर यात्रियों की भी- फोटो : हांसी के जिला सचिवालय में समाधान शिविर में शिकायते सुनते एसडीएम। स्रोत : प्रशासन