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नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी की चार रोजा मजलिसें शुरू

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बिजनौर : नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी दरगाह मजलिस को खिताब करते मौलाना हैदर मेहंदी। - फोटो : NAZIBABAD
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नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी की चार रोजा मजलिसें शुरू
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नजीबाबाद (बिजनौर)। हजरत इमाम हुसैन की याद में नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में मातमी माहौल में मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ। जायरीनों ने दरगाह परिसर में रोजे पर पहुंचकर मन्नत मांगी और इबादत की। शिया समुदाय के अकीदे की स्थली नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी के शम्सुल हसन हॉल में बृहस्पतिवार को सवेरे पहली मजलिस को इमामे जुमा मौलाना आबिद मेहंदी ने खिताब किया। उन्होंने हजरत इमाम हुसैन और वाक्याते करबला के शहीदों की कुर्बानी का जिक्र किया।
बस्ती से आए शिया विद्वान हैदर मेहंदी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इस्लाम को बचाने के लिए जालिम बादशाह यजीद के जुल्मो-सितम के आगे घुटने नहीं टेके। वाक्याते करबला सुनकर जायरीन सीनाजनी पर मजबूर हुए। हैदर मेहंदी जैदी के संचालन में मजलिस को मौलाना नकी अब्बास, मिर्जा शफीक हुसैन, मौलाना मोहसिन तकवी, मौलाना डॉ. बर्नी सहित अनेक उलमा ने खिताब करते हुए इस्लाम, इंसानियत और वाक्याते करबला के जिक्र से जायरीनों को इस्लाम के रहबरों द्वारा दी गई कुर्बानियों से रूबरू कराया।
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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं मजलिसें
प्रशासक डॉ. हबीब हैदर की देखरेख में सालाना मजलिसें हो रही हैं। एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीओ नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह, सीओ नगीना सुमित शुक्ला बुधवार को रात मजलिस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। वहीं, दरगाह प्रशासन की अव्यवस्थाओं से जायरीनों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। मजलिस में खिताब करने आए शिया विद्वानों को गेस्ट हाउस में बिजली अव्यवस्था से परेशानी हुई। नजीबाबाद से दरगाह परिसर पहुंचने वाले अनेक जायरीनों के वाहनों को पुलिस प्रशासन द्वारा दरगाह के बाईपास मार्ग से प्रवेश न देने से जायरीनों को दरगाह परिसर तक पैदल पहुंचना पड़ा। दरगाह परिसर में लुधियाना के राजू, अब्बास और जौन की ओर से निशुल्क लंगर व्यवस्था की जाती है। भीषण गर्मी में लंगर लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं उमड़ पड़ीं। लंगर पाने के लिए महिलाओं को घंटों भीषण गर्मी में पसीना बहाना पड़ा।
जायरीनों की मदद के लिए लगे शिविर
शिया समाज बिजनौर और नगरपालिका परिषद की ओर से रेलवे स्टेशन पर जायरीनों की मदद के लिए पूछताछ और पेयजल शिविर का उद्घाटन पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड. और स्टेशन अधीक्षक जयपाल सिंह ने किया। शिया समाज की ओर से आयोजित शिविर में मौज्जिस अब्बास शब्लू, अली रजा, जाफर हसनैन, जमाल अब्बास, कल्वे अब्बास एड., साबिर रजा, इसरार हैदर, रियाज हैदर, उरूज जैदी, बाकर हसनैन, मौलाना जीशान, राहुल हसनैन ने दूरदराज से आने वाले जायरीनों को दरगाह तक पहुंचाने में मदद की। स्वास्थ्य विभाग और मुस्लिम फंड नजीबाबाद ने दरगाह परिसर में निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं। डॉ. सर्वेश निराला और डॉ. सुशील के नेतृत्व में पहुंची टीम ने और मुस्लिम फंड की ओर से डॉ. शबाना जमाल, मो. जाकिर, कासिम, एजाज ने जायरीनों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।
मोहब्बत और अहलेबैत पर अमल जरूरी : मौलाना मो. आबिद
दरगाह में मजलिस को खिताब करने पहुंचे मौलाना मो. आबिद ने कहा कि मोहब्बत और अहलेबैत हर इंसान के लिए जरूरी है। इस्लाम ने मोहब्बत, इंसानियत, दीन और वतन से जुड़ने का पैगाम दिया है। बाबुल इस्लाम नौगांवा के प्रोफेसर मो. आबिद फरमाते हैं कि कोई भी अमल तभी कुबूल होता है जब मोहब्बत और अहलेबैत को जिंदगी का मकसद बनाया जाता है।
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इंसानियत और ईमान पर रहें कायम : मौलाना सफदर अब्बास
जौनपुर से मजलिस खिताब को पहुंचे मौलाना सफदर अब्बास ने इस्लाम और इंसानियत मौजू से खिताब किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने इंसानियत और ईमान पर जोर दिया है। इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। इस्लाम ने सर्वधर्म संभाव का पैगाम दिया है। जब तक इस्लाम कायम है इंसानियत और ईमान कायम रहेगा।

बिजनौर : नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी दरगाह की जियारत करते जायरीन।- फोटो : NAZIBABAD

बिजनौर : नजीबाबाद के जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में लंगर लेने को उमड़ी जायरीन महिलाएं।- फोटो : NAZIBABAD

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