माफिया पर नजर रखने में नाकाम चार पुलिसकर्मी निलंबित
बिजनौर। शराब माफिया पर नजर रखने में नाकाम चार पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया है। दरअसल, महीनों से अवैध शराब बनाने के चल रहे खेल की इन्हें भनक तक नहीं लग पाई। इसी लापरवाही की वजह से इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने नहटौर थाने में तैनात दरोगा योगेश शर्मा और बीट सिपाही ओमेंद्र को निलंबित कर दिया। नजीबाबाद थाने की चौकी जाब्तागंज के प्रभारी धीरज सिंह और आरक्षी आशीष त्यागी को भी निलंबित किया गया है। इन चारों पर लापरवाही बरतने का आरोप है। एसपी ने बताया कि नौ अप्रैल को नहटौर थाना क्षेत्र के गांव बिलासपुर में दो भाइयों धीर सिंह और वीर सिंह के घर में एसओजी ने अवैध शराब बनते हुए पकड़ी। इन दोनों भाइयों समेत टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मौके से 250 लीटर ईएनए और अवैध शराब बरामद हुई। क्यूआर कोड और खाली बोतल तथा ढक्कन भी मिले।
बिलासपुर में महीनों से शराब बनाए जाने का काम चल रहा था। जिसके लिए नहटौर थाने में तैनात दरोगा योगेश कुमार शर्मा और बीट आरक्षी को लापरवाही बरतने का दोषी माना गया। निलंबन के साथ-साथ एसपी ने चेतावनी जारी की है कि अगर भविष्य में जेल से छूटने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में शिथिलता बरती गई तो थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी और बीट प्रभारी पर भी कार्रवाई होगी।
जाब्तागंज चौकी प्रभारी ने दी गलत रिपोर्ट
बिलासपुर में पकड़ी गई अवैध शराब में शराब माफिया राहुल शर्मा भी गिरफ्तार हुआ, जो नजीबाबाद के मोहल्ला मकबरा का रहने वाला है। यह हिस्ट्रीशीटर भी है। एसपी ने बताया कि कुछ समय पहले शासन से आई एक सूची में राहुल शर्मा का नाम शामिल था। जिसमें जाब्तागंज चौकी प्रभारी ने रिपोर्ट दी कि यह अब नजीबाबाद में नहीं रहता है। एसपी की ओर से कराई गई जांच में मालूम हुआ कि शराब माफिया राहुल नजीबाबाद में ही रह रहा था। जिसे लेकर चौकी प्रभारी और बीट आरक्षी निलंबित हुए हैं।