रामडोल समिति के चार सदस्यों ने दिया त्यागपत्र
धामपुर। रामडोल शोभायात्रा निकालने के लिए प्रशासन की ओर से बनी समन्वय समिति के सदस्यों की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर एक गुट के नामित चारों सदस्यों ने अपने पदों से त्याग पत्र दे दिया। चारों सदस्यों ने त्याग पत्र अपने गुट के अध्यक्ष अनिल शर्मा को सौंपा है। सदस्यों का कहना है कि उनके गुट के लोगों ने यदि दो दिन पहले राधा-कृष्ण मंदिर में नया रामडोल लाकर रख दिया था, तो दूसरे गुट के सदस्यों को समन्वय समिति के लोगों को अवगत कराना चाहिए था। बल्कि पुलिस को सूचना देकर मंदिर से रखे नए रामडोल को वहां से उठवा दिया।
नगर में रामडोल शोभायात्रा कई दशकों से निकलती आ रही है। इस बार भी भव्यता के साथ निकालने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इस दौरान रामडोल शोभायात्रा कमेटी आपसी गुटबाजी के कारण दो धड़ों में बंट गई। एक गुट के अध्यक्ष अनिल शर्मा एड. हो गए। दूसरे गुट का अध्यक्ष अनिल अग्रवाल को बना दिया गया है। 21 अगस्त को निकाली जाने वाली शोभायात्रा को लेकर दोनों गुटा आमने-सामने आ गए। मामला पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पटल पर जा पहुंचा। एसडीएम मनोज कुमार सिंह और सीओ इंदू सिद्धार्थ ने दोनों गुटों के अध्यक्षों को निष्क्रिय कर चार-चार लोगों की समनव्य समिति बना दी। रामडोल शोभायात्रा समन्वय समिति की ओर से निकाले जाने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को एक गुट के लोगों ने मोहल्ला गुजरातियान स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में समन्वय समिति के लोगों को बताए बगैर नया रामडोल लाकर रख दिया। अनिल शर्मा गुट के सदस्य जयवीर सिंह सिसौदिया, सतीश चौहान, प्रमोद कुमार अग्रवाल और प्रशांत चौधरी का कहना है कि अन्य समिति के लोगों को इस बाबत पुलिस को अवगत कराने से पहले उन्हें बताना चाहिए था। यदि नया रामडोल रखा भी गया था तो उससे क्या फर्क पड़ने वाला था। नए रामडोल के पास में पुराने रामडोल को भी लाकर रख दिया जाता है। उधर, दूसरे गुट के सदस्य मनमोहन भारद्वाज आदि का कहना है कि उनकी ओर से दूूसरे गुट के लोगों को अवगत करा दिया था। जब गंभीरता से नहीं लिया गया तो पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।