-आर्थिक अपराध अनुसंधान की शाखा मेरठ कर रही जांच
-नगीना तहसील के मौजा सदाशिवपुर गांवड़ी में 65 बीघा जमीन पर कब्जे का मामला
-साल 2009 में खेतों में खड़ी फसल को जोतकर कब्जा ली थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की मुश्किलें फिर से बढ़ चुकी हैं। अब खेती की जमीनों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में आर्थिक अपराध अनुसंधान की शाखा मेरठ जांच कर रही है। पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।
मेरठ से आर्थिक अपराध अनुसंधान में तैनात निरीक्षक सीमा त्यागी के नेतृत्व में टीम हरेवली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने धामपुर तहसील के मौजा सदाशिवपुर गांवड़ी में पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के फार्म हाउस का मुआयना किया। साथ ही पीड़ित निजामुद्दीन निवासी हरेवली और गांव भगौता के भी दो किसानों के बयान दर्ज किए।
बता दें कि निजामुद्दीन समेत अन्य किसानों ने छह महीना पहले शासन में शिकायत की थी। जिसमें पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी पर जमीनों पर अवैध कब्जे करने का आरोप लगाया था। शासन ने इस शिकायत की जांच आर्थिक अपराध शाखा के हवाले कर दी। निजामुद्दीन बताते हैं कि उन्हें मेरठ भी बुलाया गया था, जहां पहुंचकर आर्थिक अपराध शाखा के सामने अपना पक्ष रखा। अब टीम ने मौके पर उनके बयान दर्ज किए हैं। आर्थिक अपराध अनुसंधान की जांच अधिकारी सीमा त्यागी ने बताया कि अभी साक्ष्य संकलन किए जा रहे हैं।
- 65 बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप
निजामुद्दीन बताते हैं कि साल 1966 में उनके दादा के नाम पर 15 बीघा जमीन का पट्टा किया गया था। दादा की मौत के बाद यह जमीन उनके पिता के नाम पर आ गई। साल 1998 में पट्टे की जमीन से उनका नाम खारिज कर दिया गया। जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। आरोप है कि साल 2009 में उनकी जमीन पर खड़ी फसल को जोतकर मोहम्मद गाजी ने असलहा के बल पर जमीन पर कब्जा कर लिया था। उनकी ही नहीं बल्कि अन्य किसानों की जमीन पर भी कब्जा किया गया। उक्त जमीन पर मोहम्मद गाजी ने फार्म हाउस बना रखा है जबकि अभिलेखों में गाजी के नाम पर कोई जमीन दर्ज नहीं है।
- रसूख के बल पर किया था कब्जा, नहीं हुई सुनवाई
मोहम्मद गाजी साल 2007 से 2012 में अफजलगढ़ से बसपा के विधायक रहे। साल 2012 से 2017 से बढ़ापुर से विधायक रहे। बसपा शासनकाल में सत्ता की हनक के चलते ही साल 2009 में मोहम्मद गाजी ने जमीन पर कब्जा कर लिया था।
- 50 करोड़ की जमीन घोटाले में भी फंसी थी गर्दन
शेरकोट में सहकारी आवास समिति की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन हड़पने के आरोप में अप्रैल 2026 में थाना शेरकोट में दर्ज हुआ था। जिसमें पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी समेत 13 लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत के आरोप लगा था। हालांकि इस मामले में मोहम्मद गाजी हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे।
उनके ससुर ने खरीदी थी यह जमीन : मोहम्मद गाजी
पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी ने कहा कि यह जमीन बीस वर्ष पहले यहां एक बैंक मैनेजर की पोस्ट पर रहे उनके ससुर द्वारा खरीदी गई थी। विपक्षी नेताओं द्वारा उन्हें बदनाम करने के लिए झूठे निराधार आरोप लगाए जा रहे, जिसका जवाब वह जल्द अदालत के माध्यम से देंगे। पूर्व में भी उनकी संपत्ति की जांच हो चुकी है, जिसकी क्लीन चिट उन्हें मिली थी।