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मालन किनारे वन विभाग लगाएगा एक लाख पौधे

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बिजनौर कलक्ट्रेट में जिला गंगा समिति व पर्यावरण समिति की समीक्षा बैठक लेते डीएम उमेश मिश्रा। - फोटो : BIJNOR
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मालन किनारे वन विभाग लगाएगा एक लाख पौधे
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बिजनौर। मालन को अविरल बनाने का अभियान सिर्फ चौड़ीकरण और अतिक्रमण मुक्त कराए जाने तक ही सिमट कर नहीं रह जाएगा। बल्कि इससे भी एक कदम आगे की कवायद चल रही है। जी हां, मालन के तटों पर एक लाख बांस की पौध लगाई जाएगी। इसके लिए सामाजिक वानिकी को बरसात से पहले पौध मुहैया कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मालन की दशा सुधारने के लिए एक बार फिर प्रशासनिक अमले ने बैठक कर मंथन किया। संबंधित विभागों के अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसके अतिरिक्त बिजनौर, किरतपुर और नजीबाबाद नगर पालिकाओं से मालन से अतिक्रमण हटवाकर खोदाई कराने के लिए जेसीबी मशीने लगाने को कहा गया है।
शुक्रवार को डीएम उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक ली। इसमें खासकर मालन नदी का मुद्दा छाया रहा। डीएम ने कहा कि प्रदूषण एक समस्या नहीं बल्कि एक त्रासदी का रूप धारण करती जा रही है, यदि समय रहते पर्यावरण सुरक्षा के लिए उचित उपाय नहीं किए गए तो जीव-जंतु ही नहीं अपितु धरती का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है। सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जन सहयोग की भावना के साथ भी इस क्षेत्र में गंभीरतापूर्वक प्रयास करने होंगे। बैठक में सीडीओ केपी सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी मनोज कुमार शुक्ला, उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. हरेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और नगर पंचायत तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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सीधे नदियों में नहीं जाएगा गंदा पानी
डीएम ने कहा कि मालन नदी में कई जगह पालिकाएं और पंचायत गंदा पानी डाल रही हैं। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं नोडल अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि शहर एवं गांव का गंदा पानी किसी भी अवस्था में नदी में नहीं जाना चाहिए। निर्देश दिए कि जिन नगर शहरों और गांवों का गंदा पानी नदी में पहुंच रहा है, उनकी सूची उन्हें उपलब्ध कराएं, ताकि उस पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को बनेगी कमेटी
डीएम ने डीएफओ को निर्देश देते हुए कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को परखने के लिए एक समिति का गठन किया जाए। कमेटी औचक रूप से निरीक्षण भी करेगी। बता दें कि बायो मेडिकल वेस्ट के भी नदियों में बहा दिए जाने की आशंका रहती है। एएमए को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सॉलिड वेस्ट के लिए जगहों का चिन्हांकन करने के लिए कहा।
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मालन की खोदाई में पालिकाएं भी करेंगी सहयोग
बरसात से पहले सभी नालों की सफाई कराई जाएगी। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बिजनौर एवं नजीबाबाद को निर्देश दिए कि मालन की खोदाई के कार्य में सहयोग करें। साथ ही विभागीय जेसीबी से अतिक्रमण हटाकर खोदाई कराने के लिए कहा गया। बता दें कि नजीबाबाद के पास से ही मालन नदी होकर गुजर रही है। मालन नदी में नजीबाबाद के पांच नाले गिर रहे हैं। ऐसे में मालन का पानी दूषित ही नहीं बल्कि मैला भी हो रहा है।
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