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गुलदार को नरभक्षी नहीं मान रहा वन विभाग

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गुलदार को नरभक्षी नहीं मान रहा वन विभाग
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बिजनौर। पांच लोगों को मारने वाला गुलदार वन विभाग की नजरों में नरभक्षी नहीं है। गुलदार ने केवल एक ही शव को खाया है। वन विभाग का मानना है कि गुलदार आत्मरक्षा या किसी चिढ़ में वारदातों को अंजाम दे रहा है। अब वन विभाग गुलदार को पकड़ने के इंतजाम में लग गया है। अगर गुलदार को वन विभाग पिंजरे में नहीं पकड़ पाया तो उसे ट्रेंकुलाइज करने के लिए परमिशन ली जाएगी।
गुलदार ने 27 नवंबर को गांव चमरूनवादा निवासी समला देवी, 16 दिसंबर को गांव प्रेमपुरी निवासी पांच वर्षीय चेतन, 19 दिसंबर को सराय आलम निवासी चमन सिंह, 25 दिसंबर को किरतपुर निवासी शानू और 26 दिसंबर को गांव बिचपड़ी निवासी शफीक अहमद को मार दिया था। इनमें गुलदार ने केवल चेतन के शव का ही मुंह के पास से थोड़ा सा मांस खाया था। बाकी किसी शव को गुलदार ने नहीं खाया। चेतन का शव पूरी रात जंगल में गुलदार के साथ रहा था। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि गुलदार ने अब तक केवल एक ही शव को थोड़ा सा खाया है। इसलिए गुलदार को अब तक नरभक्षी नहीं कहा जा सकता है।
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गुलदार को पकड़ने के लिए अब पिंजरे का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा पग मार्क के आधार पर इसके बाद उसे ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। इसके लिए प्रधान मुख्य संरक्षक वन्य जीव उत्तर प्रदेश से अनुमति लेनी होगी। विशेषज्ञों की टीम गुलदार को ट्रैंकुलाइज करेगी। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक तीन टीमों को गुलदार के पीछे लगाया गया है। अगर टीम गुलदार को पिंजरे में पकड़ने में नाकाम रहीं तो उसे ट्रैंकुलाइज करने के लिए अनुमति ली जाएगी।
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