बिजनौर में गंगा बैराज के कटे तटबंध के बराबर में बनाया गया नया तटबंध। संवाद
बिजनौर। भले ही 900 मीटर की लंबा नया तटबंध तैयार कर लिया गया, मगर गंगा का कटान थमा नहीं रहा। अब दूसरी जगह पर गंगा ने पुराने तटबंध को काटना चालू कर दिया है। फिलहाल खतरा टला नजर आ रहा है, लेकिन तटबंध के बराकर में उठ रही गंगा की तेज लहरें डरा रही हैं।
उधर छठे दिन धारा के उस पार ड्रेजिंग मशीन चलाकर छोटी क्यूनिट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि धारा का रुख बदला जा सके। शुक्रवार को गंगा के बीच में बने टापू पर ड्रेजिंग मशीन को चालू कर दिया गया। यह मशीन रेत को पानी के प्रेशर के जरिए उसकी जगह से हटा रही है। ताकि गंगा की धारा लाने के लिए नहरनुमा रास्ता दिया जा सके।
बता दें कि गंगा की धारा ने सिल्ट छोड़ दी है, जिससे बीच में टापू बन गया और उक्त टापू से अलग होकर तटबंध के पास बहने लगी। ड्रेजिंग मशीन चलाकर यह प्रयास किया जा रहा है कि धारा तटबंध के पास से दूर होकर बीच में आ जाए। इसके साथ ही कट चुके तटबंध के बराबर में बनाए गए नए तटबंध को भी कटान से बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि चुनौती कम होने का नाम नहीं ले रही है।
क्योंकि एक छोर से करीब 900 मीटर तक नया तटबंध बनाया गया है, अब गंगा से उससे आगे पुराने तटबंध को काटना शुरू कर दिया है। उधर गंगा की धारा पीछे की तरफ कटान करते हुए बढ़ रही है।