बाढ़ की चेतावनी जारी, बारिश से पहले करें बचाव कार्य
कालागढ़ (बिजनौर)। रामगंगा बांध प्रशासन ने मानसून को लेकर बाढ़ चेतावनी जारी करते हुए रामगंगा नदी के बहाव क्षेत्र में बारिश से पहले ही बचाव कार्य करने को चेताया है। पहाड़ों पर मानसून के दौरान अधिक बारिश होने पर बांध से पानी की निकासी की जा सकती है।
रामगंगा बांध प्रशासन ने रामगंगा नदी के तटों पर बसे उत्तर प्रदेश के सात जनपदों को मानसून के दौरान पानी की निकासी को लेकर चेताया है। बांध के अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने जारी बाढ़ चेतावनी के बारे में बताया कि बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर व फर्रुखाबाद के डीएम व विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि रामगंगा नदी के बहाव क्षेत्र में अवरोध अनेक स्थानों पर हैं।
1978, 1990, 1998, 2000 व 2010 में रामगंगा बांध के जलाशय को पूरी तरह से भरकर पानी की निकासी नदी में की जा चुकी है। 18 सितंबर 2010 में बांध से दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा चुकी है। वर्तमान में मानसून आने को है। ऐसे मे हरेवली व शेरकोट बैराज से आवश्यकता पड़ने पर पानी की निकासी की जा सकती है। आवश्यकता होने पर पहले बांध से 25000 से 75000 क्यूसेक तक नियंत्रण न होने पर 125000 क्यूसेक तक व बहुत अधिक बारिश होने पर 175000 या फिर और भी अधिक पानी की निकासी की जा सकती है। इसके बारे में पहले सूचना दी जाएगी। पानी की निकासी की गई तो उससे पहले ही बहाव क्षेत्र को खाली कराया जाए।
मानसून से पहले ही जलस्तर 350 मीटर से अधिक
रामगंगा बांध के अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने बताया कि बांध के जलाशय का जलस्तर पांच जून को 350 मीटर से अधिक है। जलस्तर 355 से अधिक होने के बाद और बारिश होने पर जलाशय से निकासी शुरू कर दी जाएगी।