बिजनौर/बेगावाला। इस बार बरसात में नदियां बार-बार उफन रहीं हैं। पहाड़ की बारिश से बैराज के तटबंध को खतरा ही नहीं बना हुआ है बल्कि खादर में फसलें चौपट हो रहीं हैं।
बाालावाली से जलीलपुर इलाके तक हजारों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। उधर मालन की बाढ़ का भी कहर जारी है। मालन का तटबंध टूटने से एक बार फिर कई गांव के खेतों में पानी भर चुका है। साथ ही बिजनौर रावली मार्ग पर भी मालन का पानी बह रहा है।
शुक्रवार को मालन नदी के टूटे हुए तटबंध की मरम्मत जारी रही। पानी को रोकने के लिए बल्लियों की बाड़ लगाई गई और कट्टों में मिट्टी भरकर डालने का काम भी किया। हालांकि शाम ढलने तक तटबंध से निकल रहे पानी के बहाव पर काबू पा लिया गया।
तटबंध टूटने के कारण कई गांव के जंगल में पानी भर गया। इसके अलावा गांव धारूवाला से मुजफ्फरपुर केशो, सेवारामपुर, मोहम्मदपुर मंडावली, चंदपुरा आदि में पानी पहुंचा है। इसके अलावा कई जगह बिजनौर से रावली रोड पर भी पानी बहने लगा है।
ग्रामीण पानी में निकल कर जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। आसपास के दर्जनभर से ज्यादा गांवों से बच्चे किसान इंटर कॉलेज मंडावली में पढ़ने आते हैं।
सभी बच्चे आधा से एक फिट पानी में निकलकर स्कूल पहुंचे। जिससे उनको बहुत परेशानी है। ग्रामीण अनुदीप शास्त्री, सहदेव उपाध्याय का कहना है कि प्रशासन ने पहले टूटे तटबंध को सही से ठीक नहीं किया। अगर, तटबंध पहले ठीक हो जाता तो जलभराव की समस्या नहीं होती।
बिजनौर के गांव खानजहांपुर बहादर के जंगल में मालन नदी के पानी से सूखी गन्ने की फसल। संवाद