जिले में धरातल पर आएंगे बाढ़ राहत प्रस्ताव
बिजनौर। जिले में बाढ़ से राहत के लिए अटके प्रस्तावों को अब मंजूरी मिल सकती है। इस साल प्रस्ताव तो कई करोड़ के बने, लेकिन बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर को कुछ ही लाख का ही बजट मिल सका। उसे आने में भी बहुत देर हो गई। अब प्रशासन इस पर एक्शन में नजर आ रहा है। डीएम ने जिलेभर में बने बाढ़ से बचाव के प्रस्तावों की समीक्षा शुरू कर दी है।
डीएम ने अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरे तक धरातल की सच्चाई भी जाननी शुरू कर दी है। तैयारी की जा रही है कि इन प्रस्तावों को नए सिरे से तैयार कर शासन को भेजा जाए और बाढ़ राहत का काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। प्रशासन की मानें तो आने वाले समय में सभी प्रस्ताव के हिसाब से बजट मिल जाएगा और जिलेभर में बाढ़ राहत के काम भी शुरू कर दिए जाएंगे।
जिले के इन गांवों में रहता है बाढ़ का खतरा
तहसील बिजनौर के गांव इंछावाला, भगवतीपुर, लाडपुर, लतीफपुर, मुर्शदाबाद, हिम्मतपुर बेला, बालावाली, सुक्खापुर, कुंदनपुर, टीप, फतेहपुर सभाचंद, सीमली, राजारामपुर, डेबलगढ़, रावली, बाकरपुर और युसुफपुर आदि।
तहसील धामपुर के तिपरजोत, मुकरपुरी, सिपाहीवाला, कोपा, धुराहरा, मंधौरा, नाथाडोई, पालकी एमन, नंगला भज्जा, मुबारकपुर, भूतपुरी, इब्राहीमपुर नारायण आदि रहे।
तहसील नजीबाबाद के गांव वीरूवाला, ताहरपुर, छोटीभूडी, पुंडरीकलां, खैरूल्लापुर और कछियाना।
तहसील नगीना के गांव बढ़ापुर, झाड़पुर, लद्दावाला, चमरावाला, तौफिकवाला, गोपालपुर, मोहल्ड़वाला, सुंदरवाली, फिरोजपुर उर्फ हैजराबाद और मोहम्मद अलीपुर।
तहसील चांदपुर के गांव दतियाना, नारनोर, खानपुर खादर, सुजातपुर, खद्दन, सिहाली, जमालुद्दीन आदि बताए जा रहे हैं।
जिले में इन नदियों में आती है बाढ़
गंगा, मालन, खो, गागन, रामगंगा, बनैली, रतनाल, कोटावाली, ऊनी, नकटा, गूला, फीका, धारा, पीली, लकड़ियान और बान नदी में आने वाले पानी में उफान आने से बाढ़ आती है।
सभी बाढ़ के प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है। प्रयास किए जाएंगे कि जिन प्रस्तावों का बजट नहीं आया, उनका बजट उपलब्ध कराया जाएगा। बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालातों का जायजा लिया जा रहा है - उमेश मिश्रा, डीएम।