-बाढ़ के चलते करीब दो हजार बच्चों की शिक्षा प्रभावित
-गांव के स्कूल बंद, गांव के बाहर पढ़ने जाने वाले रास्ते भी बंद
-आठ गांव के आवागमन के रास्तों पर पानी ही पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर/चांदपुर। जलीलपुर क्षेत्र में गंगा नदी के निकटवर्ती गांव एक सप्ताह से बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के चलते इन गांवों में रहने वालों का जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं बाढ़ के चलते करीब दो हजार बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। गांव के विद्यालयों में पानी भरा हुआ है। रास्तों पर पानी के चलते वाहनों का आवागमन बंद है। जिस कारण गांव के बाहर पढ़ने वाले बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं।
एक सप्ताह से गंगा की बाढ़ के चलते क्षेत्र के सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक सप्ताह के अवकाश के बाद मंगलवार को स्कूल खोले जाने पर बाढ़ प्रभावित गांवों के बच्चे स्कूल नहीं जा सके। खंड शिक्षा अधिकारी जलीलपुर गजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव दत्तियाना में प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, मुजफ्फरपुर खादर में प्राथमिक विद्यालय, स्याली में कंपोजिट विद्यालय, सुजातपुर खादर में प्राथमिक विद्यालय, जलालपुर खादर में प्राथमिक विद्यालय, रायपुर खादर में कंपोजिट विद्यालय, मीरापुर सीकरी में प्राथमिक विद्यालयों में बाढ़ के कारण शिक्षण कार्य नहीं हो सका। बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिरे कुमहरिया, स्याली, मुजफ्फरपुर खादर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, जलालपुर खादर, रायपुर खादर, मीरापुर सीकरी आदि गांवों में रहने वाले करीब दो हजार बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इन गांवों से पाडला, ब्लाक जलीलपुर, सैंदवार, चांदपुर, दरबाड़ा, बिजनौर आदि के करीब एक दर्जन विद्यालयों में एक हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ाई करने जाते हैं। साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में बंद पड़े आठ सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद हैं। स्कूलों में पानी भरा हुआ है और रास्तों पर भी पानी है। जिसके चलते अध्यापक भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।