मदरसों में होगा ध्वजारोहण, नहीं आएंगे विद्यार्थी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार निरीक्षक आरपी सिंह ने निर्देश जारी कर कहा है कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को सभी मदरसों व कार्यालय भवनों की बिजली से सजावट की जाएगी। कोविड 19 को देखते हुए विद्यार्थियों को मदरसों में नहीं बुलाया जाएगा। केवल शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी व प्रबंध समिति के सदस्य ही मदरसे में आएंगे और आठ बजे ध्वजारोहण करेंगे। मदरसों के प्रांगण में पौधारोपण भी होगा। मदरसा परिसर में किसी तरह की धार्मिक गतिविधि प्रचारित, प्रसारित नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित संदेशों पर अन्यथा टिप्पणी नहीं की जाएगी जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों। कार्यक्रम की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी होगी। कंटेनमेंट जोन में स्थित मदरसों में जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पर्व आयोजित करने की कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन द्वारा भी स्वतंत्रता दिवस मनाने की गाइडलाइन जारी की गई है। इसके अनुपालन में नौ बजे सरकारी व गैर सरकारी भवनों पर ध्वजारोहण होगा।
बनैली का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों का संपर्क कटा
अफजलगढ़। पहाड़ी क्षेत्रों में रुक रुककर हो रही बारिश से बनैली नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार की शाम को बढ़ गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से माननगर से शाहपुर जमाल सहित दर्जनों गांव को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया। मार्ग बंद हो जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी उठाकर वाया सुआवाला से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बनैली नदी के जलस्तर में वृद्धि से मार्ग पर दो से तीन फीट पानी आने से दुपहिया सवारों को करीब पांच किमी की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं किसानों को पशुओं के चारा लाने में कड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुछ ग्रामीण पैदल ही जूते चप्पल हाथों में जान हथेली पर लेकर निकलने को मजबूर है। बनैली नदी का जलस्तर बढ़ जाने से शाहपुर जमाल सहित मोसमपुर, चक, सीरियावाली, हरपुर, हसनपुर, मोहद्दीपुर, बादशाहपुर सहित अन्य गांव के राहगीरों को मार्ग बदलकर भूतपुरी से अन्य गंतव्यों तक जाना पड़ रहा है। उधर, सिचाई विभाग पीली डैम के अवर अभियंता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे पीली डैम का जलस्तर 829.30 फीट था जबकि डैम के जल भंडारण की क्षमता 842 फीट है। डैम से बनैली में पानी नहीं छोड़ा गया है। बारिश के पानी से बनैली नदी का जलस्तर बढ़ा है। ग्रामीण पिंटू कुमार, राजपाल सिंह, दुर्वेश गुप्ता, सतपाल सिंह आदि ने बताया कि यह मार्ग बरसात के दिनों में थोड़ी सी बारिश होते ही बंद हो जाता है।