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हर ब्लॉक से जांच को रोजाना भेजे जाएंगे पांच-पांच सैंपल

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हर ब्लॉक से जांच को रोजाना भेजे जाएंगे पांच-पांच सैंपल
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बिजनौर। जिला अस्पताल एवं जिले के अन्य क्वारंटीन सेंटरों के अलावा जिले के हर ब्लॉक से रोजाना पांच-पांच सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। जनपद के सभी 11 ब्लॉक में आशा कार्यकर्ता और संगिनी तथा एएनएम घर-घर जाकर कोरोना के संभावित मरीजों को खोजने में जुटी है। अफसरों के अनुसार इस सर्विलांस टीम के द्वारा 6200 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस दौरान की गई प्राथमिक जांच में किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
शासन के निर्देश पर कोरोना को हराने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों तथा एएनएम का सहारा लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत सूबे के सभी जिलों में आशा के माध्यम से दूसरे जिलों अथवा राज्यों से आने वाले लोगों की ट्रैकिंग कराई जा रही है। लोगों के सूचना देने पर आशा कार्यकर्ताओं को सर्वेक्षण के लिए घर-घर भेजा गया है। जिले में कुल 3070 के सापेक्ष कुल 3049 आशा कार्यकर्ता काम कार्यरत हैं, जबकि 149 के सापेक्ष कुल 108 संगिनी काम कर रही हैं और 363 एएनएम कार्यरत हैं।
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सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि सभी 11 ब्लॉक में आशाओं को घर घर सर्वेक्षण के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक आशाओं ने जिले भर में करीब 6200 घरों का सर्वेक्षण कर लगभग ढाई हजार लोगों की खोजबीन की है। इन सभी की प्रारंभिक जांच कराई गई तो इनमें से किसी में भी कोरोना जैसे लक्षण नहीं पाये गए। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर तथा समीपुर, राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी, विवेक कॉलेज, आरवीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इन पर करीब 450 कोरोना के संदिग्ध मरीज क्वारंटीन हैं। अभी तक व्यवस्था ये है कि इन क्वारंटीन केंद्रों के अलावा यदि किसी संदिग्ध मरीज का सैंपल भेजना होता है तो वह जिला अस्पताल में ही भेजा जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आगे से जिले के हर सरकारी अस्पताल पर इसकी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि रोजाना आशाएं वहां पर जा रही हैं। एएनएम और संगिनी इनकी सर्वेक्षण रिपोर्ट जांच अपने क्षेत्र के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर या फिर चिकित्सा प्रभारियों को उपलब्ध कराती हैं। सीएमओ ने बताया कि अब हर ब्लॉक से रोजाना जांच के लिए पांच-पांच सैंपल भेजे जाएंगे।
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