छुट्टी लेकर सहकारी चीनी मिल से पांच अधिकारी लापता
बिजनौर। नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल से पांच अधिकारी छुट्टी लेकर लापता हो गए हैं। इनके अवकाश पर चले जाने को लेकर चीनी मिल में कर्मचारी तमाम अटकलें लगा रहे हैं। दरअसल, इन अधिकारियों की नियुक्ति तत्कालीन प्रबंध निदेशक वीके यादव के कार्यकाल में हुई थी। उनके कार्यकाल में हुई नियुक्तियों और प्रमोशन में भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई कर रही है। मामले में इसी साल मई महीने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
शुक्रवार को किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद में तीन इंजीनियर और दो अधिकारी अवकाश पर चले गए। इन पांचों अधिकारियों की नियुक्ति सपा सरकार के दौरान चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रहे वीके यादव के कार्यकाल में हुई थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद 10 नवंबर 2017 को सहकारी चीनी मिल संघ के पूर्व प्रबंध निदेशक वीके यादव के खिलाफ राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी। जिसके बाद मई 2021 में सीबीआई ने पूर्व प्रबंध निदेशक वीके यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
जिसके बाद से ही पूर्व प्रबंध निदेशक के कार्यकाल में हुई सभी नियुक्तियां और प्रमोशन जांच के घेरे में आ गए। आरोप था कि पैसा लेकर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में फर्जी नियुक्तियां की गई थीं। 105 नियुक्तियां उनके कार्यकाल में बताई जा रही है।
दर्ज कराने गए हैं बयान
सूत्रों की मानें तो जांच के चलते सभी अधिकारियों के बयान दर्ज कराए जाने हैं। शुक्रवार को अचानक छुट्टी गए एक अधिकारी के कनिष्ठ कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बृहस्पतिवार की शाम साहब रिजर्वेशन करा कर लखनऊ गए हैं। वहां किसी कमेटी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराने थे। बयान दर्ज होने हैं या कुछ और यह तो साफ नहीं हो सका।
किसी भी तरह की जांच को लेकर उन्हें जानकारी नहीं है। पांच या छह अधिकारी छुट्टी पर गए हैं। कहां और क्यों गए हैं, इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता - सुखबीर सिंह, जीएम सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद