महापंचायत को रोकने के लिए प्रदर्शनी मैदान के गेट पर लगाई बेरीकेटिंग।
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बिजनौर में आभास महासंघ व अखिल भारतीय गुरु रविदास मानव सुरक्षा दल की सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुई घटना के विरोध में प्रस्तावित महापंचायत प्रशासन से वार्ता के बाद सोमवार को स्थगित होने के बाद भी मंगलवार को पुलिस जगह- जगह मुस्तैद रही।
पुलिस प्रशासन को डर रहा कि कुछ नेता पंचायत में भाग लेने न आ जाए। पुलिस का अंदेशा सही निकला। पंचायत में भाग लेने आ रहे आभास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह समेत पांच नेताओं को दबोच लिया। पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज थी।
आभास महासंघ व अखिल भारतीय गुरु रविदास मानव सुरक्षा दल ने मंगलवार को बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में सहारनपुर जिले की शब्बीपुर घटना के विरोध में महापंचायत करने की एलान किया था। महापंचायत को लेकर प्रशासन की सांस फूली थी। प्रशासन ने महापंचायत की अनुमित नहीं दी थी। आयोजकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
सोमवार को प्रशासन से वार्ता के बाद दलित नेताओं ने अपनी महापंचायत को स्थगित कर दिया। इसके बाद भी कुछ नेता महापंचायत करने पर अडे़ थे। प्रशासन को डर था कि ये नेता पंचायत में भाग लेने आएंगे। पुलिस इसे लेकर सुबह से ही चौकस रही। प्रदर्शनी मैदान के आसपास बड़ी तादाद में पुलिस तैनात रही। साथ ही शहर के मुख्य चौराहों पर भी पुलिस तैनात रही। शहर में आने वाले मुख्य मार्गों पर तैनात पुलिस आने-जाने वालों पर नजर रखे रही। दलित नेताओं पर पुलिस की कड़ी नजर रही।
आभास संघ के हल्दौर थाने के गांव कुम्हारपुरा निवासी राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह, चांदपुर निवासी राष्ट्रीय सचिव अरविंद कुमार ,जिला सचिव गामेंद्र सिंह,गांव आदमपुर निवासी जोंगेद्र सिंह व महाराष्ट्र निवासी सोमेंद्र गुपचुप तरीके से पंचायत में भाग लेने आ रहे थे। पुलिस ने इन सभी को दबोच लिया। कोतवाल प्रेमवीर राणा के मुताबिक पांचों नेताओं का चालान कर दिया है।