जिलाधिकारी ने गोद लिए दो गांवों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने गांव हसनपुर में पांच अतिकुपोषित बच्चों के मिलने पर नाराजगी जताई।
मंगलवार को गांव हसनपुर स्थित दो आंगनबाड़ी केंद्रों के आकस्मिक निरीक्षण में डीएम को पंजीकृत 31 बच्चों में से मात्र चार बच्चे सामान्य मिले, जबकि 22 बच्चे कुपोषित और पांच बच्चे अतिकुपोषित पाए गए।
पिछले माह निरीक्षण के दौरान अतिकुपोषित मिले बच्चों की हालत में अभी तक सुधार नहीं होने पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव व सीएमओ डॉ.सुखवीर सिंह से नाराजगी जताई। डीएम ने बच्चों व गर्भवती महिलाओं को नियमित पोषाहार देने, महिलाओं की आयरन की गोली व आवश्यक दवा भी देने के निर्देश दिए। प्रधान मोहित कुमार सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
उधर, गांव बौरेकी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर चेक किया गया। अधिकांश महिलाओं का ब्लड प्रेशर 60-100 मिला। पंजीकृत 26 गर्भवती महिलाओं में से 16 में रक्त की कमी पाई गई। डीएम ने हसनपुर और बौरेकी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पोषाहार वितरित किया।
इसके अलावा डीएम ने खुले में शौच मुक्त गांव बौरेकी का कूड़ा निस्तारण योजना में चयन होने पर शेड की व्यवस्था देखी। इस मौके पर सीडीओ डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी, बीडीओ एके उपाध्याय, प्रधान अनीता शर्मा, सुनील शर्मा, सचिव रणजीत कुमार, सईद अहमद, मो.उमर, हनीफ, सुधीर आदि उपस्थित रहे।