बच्चों से भरी वैन में हादसा हो जाता तो क्या होता : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य का कहना है कि यह अच्छा हुआ कि वैन में बच्चे नहीं थे। उनके यहां पर सभी वाहन फिटनेस है। वाहनों के फिटनेस रिकॉर्ड स्कूल के पास उपलब्ध हैं। ऐसा उनके स्कूल के किसी वाहन में पहली बार हुआ है। उनका कहना है कि यदि वैन स्कूली बच्चों से भरी होती तो वह आज किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहते।
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बकौल प्रधानाचार्य, वाहन के हादसाग्रस्त होने के बाद उन्होंने स्कूली बच्चों को अपने स्तर से दूसरे वाहन से उनके घर सकुशल पहुंचाया। उनकी समझ में यह नहीं आ रहा है कि जब वाहन पार्किंग में खड़ा था तो यह हादसा कैसे और क्यों व किस वजह से हुआ।