मंडावली/नजीबाबाद। भागूवाला टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन करने में किसान नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर कर्मचारियों से मारपीट, बंधक बनाने के प्रयास और जबरन टोल को फ्री करने का आरोप है। प्रदेश सचिव, जिला महासचिव और पूर्व जिलाध्यक्ष समेत दस नेताओं को नामजद और बाकी अज्ञात में आरोपी बनाए गए हैं।
शुक्रवार की शाम तीन बजे भागूवाला टोल प्लाजा पर भाकियू टिकैत की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के वासियों के वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग रखी थी। यह धरना प्रदर्शन शनिवार की दोपहर बाद तक चला।
मंडावली थाने में टोल प्लाजा पर तैनात सुपरवाइजर धर्मराज सिंह निवासी बिलौठी भरतपुर राजस्थान ने प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि 23 अक्तूबर को दोपहर करीब तीन बजे कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर टोल पर आए और कर्मचारियों से अभद्रता व मारपीट की। कर्मियों को बंधक बनाने का प्रयास किया गया। जान बचाकर भागे कर्मचारियों का पीछा कर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी वाहनों को टोल फ्री करने का दबाव बनाया और चौड़ी साइड वाली लेन में अवरोध उत्पन्न कर टोल संचालन बाधित किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बूम बैरियर समेत टोल प्लाजा की सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया।
पुलिस ने प्रदेश सचिव नरदेव, जिला महासचिव दिनेश, अमरीश, हुकुम सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कुलदीप, फैजान, आजम, मुन्ना, अमजद व महमूद सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया भागूवाला टोल प्लाजा पर हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ सुपरवाईजर ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के साथ किया गया धोखा
भाकियू के जिला महा सचिव नरदेव सिंह ने बताया कि 24 अक्तूबर को दोपहर बाद एनएचआई के अधिकारी और प्रशासन से वार्ता होने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था। धरना-प्रदर्शन के दौरान सहमति के बाद किसानों पर प्राथमिकी दर्ज कर उनके साथ धोखा किया गया है। भाकियू कार्यकर्ता, किसानों व क्षेत्रीय लोगों के हक की लड़ाई जारी रखेंगे।