फीना मिनी बैंक घोटाला : अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू
बिजनौर। सहकारी समिति फीना के मिनी बैंक घोटाले में आरोपी अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सहकारिता विभाग के एडीसीओ तथा सहायक विकास सहकारिता का कार्रवाई के प्रथम चरण में जवाब तलब किया गया है। विभाग की ओर से मामले में दो ऑडिटर तथा सहकारी बैंक के पांच मैनेजरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी ने बताया कि सहकारी समिति फीना के मिनी बैंक में एक करोड़ 59 लाख घोटाले की रकम सामने आई है। बैक के एक हजार से अधिक किसान खातेदार गबन के शिकार हुए हैं। जांच में मुख्य आरोपी समिति के तत्कालीन एमडी लक्ष्य कुमार हैं। विभागीय कार्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए विभाग के दो अधिकारियों, मिनी बैंक का ऑडिट करने वाले दो ऑडिटर तथा जिला सहकारी बैंक के पांच मैनेजर की संलिप्तता की भी जांच में पाई गई है। बताया कि जांच टीम में शामिल एडीसीओ ने एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना शिवाला कलां में तहरीर दी है। एआर ने बताया कि मामले में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बात की है। सहायक निबंधक अमित कुमार त्यागी के अनुसार फीना मिनी बैंक गबन के मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का जवाब आने पर अगली कार्रवाई तय होगी। यदि सहकारी बैंक तथा ऑडिट विभाग कार्रवाई नहीं करते हैं तो शासन को पत्र भेजा जाएगा। पीड़ित किसान खातेदारों को न्याय दिलाया जाएगा।
एफआईआर को लेकर अलग-अलग राय
बिजनौर। सहकारी समिति फीना के मिनी बैंक में हुए घोटाले में समिति के सभापति ने थाना शिवाला कलां में आरोपी एमडी लक्ष्य कुमार के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहकारिता विभाग के जानकारों का कहना है कि एक ही मामले में नियमानुसार दो एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती हैं। इस पर अमित कुमार त्यागी सहायक निबंधक का कहना है कि सभापति द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गबन की राशि एक करोड 43 लाख दिखाई गई है। जबकि जांच में गबन की राशि बढ़कर एक करोड़ 59 लाख हो गई है। आधार अलग होने से एफआईआर हो सकती है।
सभी मिनी बैंक के खातों की कराई जांच
बिजनौर। सहकारी समिति फीना के मिनी बैंक में करोड़ों का गबन सामने आने पर विभाग हरकत में आ गया है। सहायक निबंधक अमित कुमार त्यागी ने बताया कि विशेष जांच टीम भेजकर जिले के सभी 28 मिनी बैंकों के खातों का निरीक्षण करा लिया गया है। तहसीलों के एडीसीओ तथा सहायक विकास अधिकारी सहकारिता को निरीक्षण की संख्या बढ़ाने तथा नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया है।