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फर्श पर धूल में मिलीं फाइलें

Sat, 01 Apr 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर तहसील में निरीक्षण के दौरान लैपटॉप चेक करते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में डीएम के निरीक्षण में पता चला कि तहसीलदार बिजनौर न्यायिक कार्य में रुचि नहीं लेते। पिछले नौ माह केे भीतर केवल एक दिन न्यायिक कार्य किया गया। तहसील के निरीक्षण में फाइल और बस्ते धूल भरे कक्ष में फर्श पर पड़े  मिले।
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 डीएम ने आज सुबह तहसील सदर का निरीक्षण किया गया। संग्रह अभिलेखागार का निरीक्षण के दौरान कक्ष में न रैक पाई गईं और न ही समुचित बस्तों का होना पाया गया। इसकी वजह से बस्ते और फाइलें धूल से भरे कक्ष में जमीन पर पड़े मिले। दूसरे अभिलेखागार कक्ष में अभिलेखों की सुरक्षा के लिए दीमक विनाशक दवा की अनुपलब्धता और अग्निशमन यंत्रों का दूर पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। तहसील में राजस्व और अन्य कार्यों के लिए आने वाले जनसामान्य के लिए बैठने की उचित व्यवस्था भी नहीं मिली।।

शौचालय गंदे पाए गए। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि तत्काल कुर्सी एवं बैंचों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें । उन्होंने  निर्देश दिए कि शौचालयों की रोजाना सफाई कराने की व्यवस्था की जाए। जगत राज ने विभिन्न कक्षों के मुआयने के दौरान पाया कि किसी भी कर्मचारियों की नाम एवं पदनाम की पट्टिकाएं नहीं लगी हुई हैं। इसकी वजह से जन सामान्य को निश्चित रूप से असुविधा होती है और न ही तहसील भवन में जन सामान्य के लिए बैठने का कोई बंदोबस्त है। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि तत्काल सभी मेजों पर नियुक्त कर्मचारियों की नाम एवं पदनाम पट्टिकाएं लगाया जाना और बाहर जन सामान्य के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में कुर्सी एवं बैंचों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कानूनगो कल्लू सिंह को सचेत करते हुए कहा कि अपने कार्य में सुधार और तेजी लाएं।
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न्यायिक कार्यों की पंजिका का निरीक्षण करते हुए संज्ञान में आया कि तहसीलदार सदर द्वारा एक वर्ष के भीतर नाममात्र ही कोर्ट कार्य किया गया है, रजिस्टर में अधिकतर न्यायिक कार्य बार एसोसिएशन के प्रस्ताव अथवा पीठासीन अधिकारी के व्यस्त होने के कारण न होना प्रकाश में आने पर उन्होंने कहा कि यह कृत्य तहसीलदार सदर की कार्यप्रणाली को संदिग्ध बनाने के लिए काफी है।  कानूनगो कक्ष के निरीक्षण के दौरान खसरा की नकल प्राप्त करने आये ग्राम जन्दरपुर निवासी नसीम अहमद ने जिलाधिकारी को बताया कि लेखपाल उमेश वर्मा द्वारा उनसे नकल के लिए 100 रुपये वसूल किये जाते हैं। उक्त शिकायत पर उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि इस प्रकरण को देखें और उन्हें अवगत कराएं। जिलाधिकारी ने तहसील प्रांगण में साफ सफाई कराने का निर्देश दिए।
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