बिजनौर में विशाल हत्याकांड में आरोपी और पेद्दा कांड के गवाह फुरकान ने भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह से अपनी जान को खतरा बताया है। आरोप है कि सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष ने विधायक सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी सहित दो लोगों को फंसाने के लिए उसकी थाने में पुलिसकर्मियों से पिटाई कराई। इस संबंध में उसने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सीजेएम अदालत में वाद दायर किया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की तिथि 22 फरवरी नीयत की है।
फुरकान ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि 16 सितंबर 2016 को पेद्दा कांड में उसके भाई अनीसुद्दीन और सरफराज की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इस केस में बाद में ऐश्वर्य चौधरी और अरुण कबाड़ी को झूठे आरोप और राजनैतिक द्वेष में फंसाया गया था। इन लोगों को पुलिस ने निर्दोष पाते हुए अंतिम विवेचना की रिपोर्ट 19 सितंबर 2017 को अदालत में दी थी। फुरकान के अनुसार इसकी सूचना लिखित और मौखिक रूप से उसे दे दी गई थी। उसने भी अदालत में पेश होकर अपना सहमति और शपथ पत्र दिया था। लेकिन ऐश्वर्य और अरुण कबाड़ी से द्वेष रखने वाले लोगों ने साजिश रचकर एक फर्जी शिकायती पत्र उनके नाम से विचारण न्यायालय को गुमराह करने की गरज से सात अक्तूबर को डलवा दिया था। उसने न्यायालय में पेश होकर शिकायती पत्र के फर्जी होने की जानकारी दी थी। पुलिस उपाधीक्षक ने इस मामले की जांच कर आख्या अदालत को दे दी थी। इस केस में 18 फरवरी 2018 को उसे पेश होकर पैरवी करने का नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया था। कहा कि आरोपियों को लगा कि वह निर्दोषों के खिलाफ पैरवी नहीं करेगा और दोषियों को नहीं छोड़ेगा। आरोपी चाहते हैं कि वह ऐश्वर्य के खिलाफ पैरवी करे और इसके लिए उसे आरोपियों ने लालच भी दिया था।
चार घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया
फुरकान का कहना है कि आरोपियों ने उसे दबाव में लेने के लिए पांच फरवरी को दरोगा नितिन, कांस्टेबल पीयूष, पंकज को उसके घर भेजा। पुलिसकर्मी अवैधानिक तरीके बंधक बनाकर उसे थाने ले आए और करीब चार घंटे तक बंद रखा। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा के कहने पर दरोगा नितिन, कांस्टेबिल पीयूष, पंकज ने उसे डंडों से बुरी तरह पीटा। उन्होंने इशारा करते हुए कहा कि उसे फंसवाने में सांसद भारतेंद्र सिंह का हाथ है। फुरकान के अनुसार इस दौरान सांसद भारतेंद्र सिंह का फोन इंस्पेक्टर पर आ रहा था और वे फोन पर उसे गाली दे रहे थे। मारपीट का शोर सुनकर सीओ मौके पर आए तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें झूठ बताया कि उसका वारंट है। उसके वकील ने बताया कि उसका वारंट नहीं समन है। तब जाकर उसे छोड़ा गया। इस मामले में दरोग नितिन व दोनों कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया था। मारपीट से उसे काफी गुम चोट आईं और डर की वजह से वह घर चला गया। फुरकान के अनुसार दस फरवरी को दरोगा नितिन के साथ दो अधिवक्ता आए और कहा कि उसे सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह से दुश्मनी महंगी पड़ेगी।
फुरकान द्वारा लगाए आरोप गलत : सांसद
सांसद भारतेंद्र सिंह के मुताबिक वह राजनीति में अपराधीकरण के सख्त खिलाफ हैं। चुनाव से पहले हत्या की जाए इसके भी वे खिलाफ हैं। उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे सभी गलत और बेबुनियाद हैं। कहीं से भी उनकी जांच करा ली जाए। उन्होंने सदा पाक-साफ राजनीति की है। तीन पीढ़ियों से उनका परिवार राजनीति में है।