- परीक्षार्थी निश्चित शब्द सीमा और सटीक शब्दों में दे उत्तर
- अर्थशास्त्र के प्रवक्ता राजेश कुमार यादव ने दिए टिप्स
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 22 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने जा रही है। ऐसे में परीक्षार्थी परीक्षा को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। अर्थशास्त्र को गणित और विज्ञान की तरह कठिन माना जाता है।
इसको लेकर एसबीबीए इंटर कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता राजेश कुमार यादव ने इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को टिप्स दे रहे हैं। उनका कहना है कि अर्थशास्त्र में आंकड़े, ग्राफ और रेखाचित्र पूरे अंक दिलाते हैं। परीक्षार्थियों को चाहिए कि वह निश्चित शब्द सीमा और सटीक शब्दों में ही उत्तर दे। अर्थशास्त्र भले ही देखने में एक सामान्य विषय नजर आता हो, लेकिन वास्तव में इसकी प्रकृति गणित और विज्ञान की है।
इंटरमीडिएट छात्र-छात्राओं के लिए प्रमुख टिप्स
- अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में शब्दों की सीमा निश्चित है। इसलिए प्रश्न को हल करते समय शब्द सीमा का हमेशा ध्यान रखें।
- प्रश्नों की संख्या अधिक होने के कारण प्रश्न किताब के सभी अध्याय से पूछे जाते हैं।
- प्रश्नों का जवाब निश्चित शब्द सीमा और सटीक शब्दों में ही लिखें।
- अर्थशास्त्र में आंकड़े, ग्राफ, रेखाचित्र का अलग अंक होते हैं। इसलिए आवश्यकता अनुसार इनका प्रयोग अवश्य करें।
- प्रश्नों का उत्तर लिखने से पूर्व उसे दो बार पढ़कर यह समझने की कोशिश करें कि वास्तव में प्रश्न में पूछा क्या गया है।
- अर्थशास्त्र में परिभाषा लिखते समय ध्यान रखें कि परिभाषा यदि सही रूप में याद है तभी उस अर्थशास्त्री का नाम लिखें। अन्यथा की दशा में परिभाषा किसी और की और अर्थशास्त्री का नाम कोई और हो जाता है, जिस पर नंबर कटने की पूरी संभावना होती है।