मंडावर। बुखार से पीड़ित एक मजदूर की उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वह गांव के ही एक झोलाछाप चिकित्सक से उपचार करा रहा था। मृतक की 12 साल की बेटी भी बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव दयालवाला निवासी 42 वर्षीय पतराम सिंह को चार-पांच दिनों से बुखार आ रहा था। उसने गांव के एक झोलाछाप से दवाई ली थी। ग्रामीणों के मुताबिक पतराम को बुखार के साथ जाड़ा चढ़ता था। आराम न होने पर भी उसने किसी अच्छे चिकित्सक को नहीं दिखाया। शनिवार शाम तेज बुखार चढ़ने पर परिजन उसको जिला अस्पताल ला रहे थे। रास्ते में मौत हो गई।
पतराम मजदूरी करके परिवार का पेट पालता था। पतराम की 12 साल की बेटी लवली को दो दिन से बुखार है। ग्रामीणों के मुताबिक परिजनों ने लवली को अच्छे चिकित्सक को नहीं दिखाया गया है।
15 दिनों से है महिला को बुखार, भर्ती कराया
सीएचसी प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि रविवार को करीब 10 बजे गांव हुरनंगला निवासी सुमित्रा देवी पत्नी विजयपाल को सरकारी सेवा 108 से लाकर भर्ती कराया गया। महिला के परिजनों के अनुसार महिला 15 दिन से बुखार से पीड़ित है। इलाज शुरू कर दिया गया है।
जिले में मलेरिया और वायरल का प्रकोप
जिले में मलेरिया और वायरल का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मलेरिया से पीड़ित चार मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। वायरल के मरीजों की संख्या में भी रोज बढ़ोतरी हो रही है।
सितंबर का महीना शुरू होते ही वायरल ने जिले को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया था। शायद ऐसा कोई ही परिवार होगा जिसका कोई सदस्य वायरल से पीड़ित ना हो। वायरल के बाद अब मलेरिया ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मलेरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। रविवार को जिला अस्पताल में मलेरिया के चार और वायरल के करीब 21 मरीज भर्ती थे। प्राइवेट अस्पतालों में भी वायरल और मलेरिया से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
मलेरिया से बचाव के उपाय
घर और आसपास गंदा पानी न एकत्र होने दें
बुखार आते ही चिकित्सक के पास जाएं और रक्त की जांच कराएं।
रात को मच्छरदानी का प्रयोग करें।
आसपास कहीं गंदा पानी एकत्र होने पर उसमें केरोसिन डालें।
वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है। मलेरिया से बचाव के लिए अपने आसपास मच्छरों को न पनपने दें।
जिला अस्पताल में फीजिशियन डॉ. ज्ञानचंद