राजा का ताजपुर में गांव ताजपुर निवासी जरीना खातून (52) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। पहले परिजनों ने उसका इलाज गांव के ही एक निजी चिकित्सक के यहां कराया था, लेकिन तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर उसको धामपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार की शाम उसकीमौत हो गई।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी सैकड़ों ग्रामीण बुखार की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग गांव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गांव में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव भी नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से गांव का दौरा कर वहां से हालात जानने की मांग की है और चिकित्सा शिविर, फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव कराने की मांग की है। वहीं नहटौर में गांव समसपुर निवासी अतर सिंह 42 वर्ष को कई दिनों से बुखार आ रहा था। अतर सिंह ईट भटटे पर मजदूरी का कार्य करता है। बुखार आने पर परिजनों ने उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया।हालत गंभीर होने पर उसे बिजनौर रेफर कर दिया गया। बिजनौर में उपचार से कोई लाभ नहीं मिलने पर परिजनों ने उसे धामपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।