बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं की प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। डीएम जसजीत कौर ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई कृषक उर्वरक अथवा कीटनाशक खरीदने आए, तो उसकी फार्मर रजिस्ट्री संख्या अवश्य पूछे और बिल में अंकित की जाए। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। उन्हें इसके लाभ बताकर शीघ्र रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाए। डीएम ने निर्देश दिए कि दुकानों पर केवल प्रमाणित ब्रांड की खाद व दवाएं ही रखी जाएं। नकली उर्वरक या कीटनाशक बेचने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम सिंह ने किसानों और विक्रेताओं से आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया। इससे किसानों की उपज और आय में वृद्धि होगी। उन्होंने भारत सरकार के धरती माता बचाओ अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि संतुलित मात्रा में ही उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने एनपीएस ऐप के बारे में जानकारी दी। फसल में किसी प्रकार का रोग दिखाई दे, तो उसका फोटो अपलोड करने पर ऐप द्वारा तुरंत कीट की पहचान और आवश्यक दवा व मात्रा की जानकारी मिलेगी। जिला कृषि अधिकारी जसवीर तेवतिया ने विक्रेताओं को नई तकनीकों, उर्वरक प्रबंधन और कीटनाशकों के सुरक्षित प्रयोग की जानकारी दी।