रात को खेत से निकल रही मादा गुलदार
बिजनौर। मादा गुलदार गांव मोहंडिया के जंगल में ही है। जिस खेत में उसने शफीक को मारा था वह अब भी वहीं पर छिपी हुई है। दिन के समय अब गुलदार खेत से बाहर नहीं निकल रही है। तड़के ही पानी पीने के लिए या फिर घूमने के लिए खेत से बाहर आ रही है। खेत में लगे कैमरे में गुलदार की फोटो फिर से कैद हुई है। वन विभाग के अफसर जल्दी ही गुलदार के पिंजरे में फंसने की बात कह रहे हैं।
26 दिसंबर को गुलदार ने गांव मोहंडिया में नाली साफ कर रहे शफीक को मार डाला था। गांव बिचपड़ी निवासी शफीक गांव मोहंडिया निवासी रामपाल सिंह के खेत में काम करता था। गुलदार शफीक को खींचकर खेत के अंदर ले गया था। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव के चारों ओर चार पिंजरे लगा रखे हैं। पांच जगह ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं। शफीक के खेत के पास भी वन विभाग ने ट्रैप कैमरा लगा रखा है। ट्रैप कैमरे में दो बार गुलदार की फोटो कैद हो चुकी है। पिछले दो दिन सोमवार और मंगलवार को गुलदार की फोटो ट्रैप कैमरे में नहीं दिखी थी। लेकिन बुधवार रात फिर से ट्रैप कैमरे में मादा गुलदार की फोटो कैद हुई है।
तड़के करीब चार बजे मादा गुलदार शफीक के खेत से निकली है। उसने शफीक के खेत में ही डेरा डाल रखा है। वन विभाग के अफसरों को लग रहा है कि मादा गुलदार ने रामपाल सिंह के खेत में ही डेरा डाल दिया है। वह दिन में निष्क्रिय रहती है और खेत में ही वक्त गुजारती है। रात को पानी पीने या घूमने के लिए मादा गुलदार खेत से बाहर आ रही है। रात को भी ज्यादातर समय मादा गुलदार खेत में ही रहती है। अफसरों को लग रहा है कि मादा गुलदार जल्दी ही पिंजरे में फंस जाएगी। इसलिए ही वन विभाग के अफसर अब तक खेत में नहीं घुसे हैं। अगर गुलदार वहां से भाग गई तो फिर उसका पीछा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
नाखून खतरनाक लेकिन पंजे नाजुक
गुलदार के नाखून शिकार को चीर डालते हैं, लेकिन गुलदार के पंजे बहुत नाजुक होते हैं। गुलदार रस्ते या पहले से बनी पगडंडी पर ही चलता है। वह कठोर जमीन या सड़क पर चलना ज्यादा पसंद नहीं करता है। इसी अनुमान के आधार पर ही वन विभाग अपने ट्रैप कैमरे लगाता है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मादा गुलदार गर्भवती हो सकती है। अब गुलदार के प्रसव समय शुरू होने वाला है। अगर मादा गुलदार गर्भवती हुई तो वह उसी खेत में बच्चे देगी जहां उसने ठिकाना बनाया है।
जल्दी पिंजरे में फंसेगी गुलदार
डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक गुलदार ने एक ही खेत में ठिकाना बना रखा है। वह दिन में कम ही निकल रही है। इसकी पूरी संभावना है कि वह जल्दी ही खेत के पास लगे पिंजरे में फंस जाए। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।