संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावर/चंदक। गुलदार के हमले में दो साल के बालक मयंक की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। गांव के बच्चे मंगलवार को घरों से बाहर ही नहीं निकले। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने ड्रोन कैमरे की मदद से गुलदार को ढूंढने का प्रयास किया।
गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में तीन पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन गुलदार का भी कोई अता-पता नहीं है। वहीं उसकी निगरानी के लिए पांच ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
मंगलवार को गांव में एसडीओ ज्ञान सिंह, रेंजर महेश गौतम ने गांव में दौरा किया। जिन्होंने लोगों से कहा कि खेतों पर अकेले नहीं जाना है। बच्चों को खेत पर न ले जाएं। उधर ग्रामीणों में डर का माहौल दिखाई पड़ा। रोजाना की तरह खेतों पर काम करने जाने वाले ग्रामीण खेत पर नहीं गए।
ग्रामीण संजय, मनोज, धर्मपाल सिंह, सोनू आदि ने बताया कि वन विभाग द्वारा मंगलवार को पिंजरे लगाए गए हैं। पिंजरों में बकरी के बजाय गांव में घूम रहे तीन आवारा कुत्तों को पकड़कर बांधा गया है। वन विभाग ग्रामीणों से तीन कुत्ते या तीन बकरों की डिमांड कर रहा था लेकिन ग्रामीणों ने मना कर दिया। इसके बाद कुत्ते के तीन छोटे बच्चों को पिंजरे में बंद कर पिंजरे लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मियों की छुट्टी खत्म होने के बाद मंगलवार को स्कूल खुले हैं लेकिन गांव में स्कूल नहीं होने की वजह से पास के गांव दयालवाला के स्कूल में बच्चे जाते हैं। मंगलवार को गुलदार की दहशत के चलते बच्चे स्कूल नहीं गए।
ग्राम प्रधान अंजू ने बताया कि गांव में काफी डर का माहौल है बच्चे स्कूल नहीं गए। ग्रामीण भी खेतों पर काम करने नहीं गए। ग्रामीण जसपाल सिंह ने बताया कि घटना के बाद से उसके दो पौत्र डरे हुए हैं। डर की वजह से बुखार और उल्टी आ रही है। इतना ही नहीं गांव में और भी बच्चे शैतानी करने की जगह शांत नजर आए।
सीसीटीवी कैमरे में दिखा गुलदार
बढ़ापुर। मोहल्ला नौमी निवासी श्याम सिंह एडवोकेट, साजिद, नासिर, इमरान व अब्दुल रहमान का कहना है कि मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में गुलदार नजर आया है। गुलदार ने एक बंद मकान में घुसने का प्रयास किया।