बिजनौर जिला कारागार में करवाचौथ पर पूजा करती महिला बंदी।
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सजना की सलामती के लिए जेल में रखा व्रत
बिजनौर। आजीवन कारावास की सजा काट कर रही अफसरी यूं तो मुस्लिम है, लेकिन मजहब की दीवारों में कैद नहीं है। जी हां, अफसरी ने हिंदू महिलाओं के संग सलाखों के पीछे ही अपने सजना की सलामती को करवाचौथ का व्रत रखा। सिर्फ करवाचौथ ही नहीं बल्कि उसने नवरात्र के पूरे नौ दिन तक व्रत रखे थे। जेल में 16 हिंदू महिलाओं के साथ-साथ अफसरी ने व्रत रखते हुए अपने पति की लंबी आयु की कामना की। रात में इन महिलाओं ने सलाखों के पीछे से चांद देखने के लिए खड़ी रही, लेकिन बादल के कारण चांद नहीं दिखा। उधर, जेल में बंद पति से मुलाकात को महिलाओं की भीड़ लगी रही।
रविवार को सवेरे से ही जिला कारागार के बाहर मुलाकात करने के लिए महिलाओं की भीड़ लग गई। दोपहर बाद तक मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। महिलाओं ने अपने पति से मुलाकात कर उनका दीदार किया। हालांकि व्रत उन्होंने घर पर फोटो देखकर ही खोला। उधर, जेल की महिला बैरक में 17 महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा। पूजन के लिए जेल प्रशासन ने सामग्री मुहैया कराई। रविवार को 200 बंदियों की मुलाकात हुई। इसके अलावा त्योहार को लेकर जेल में विशेष भोजन बनाया गया। शाम के खाने में बंदियों को हलवा पूड़ी और सब्जी परोसी गई, जबकि अन्य दिनों में रोटी, सब्जी और दाल होती है। व्रत रखने वाली महिला बंदियों के लिए मिठाई की व्यवस्था की भी की गई। वहीं जो पति और पत्नी दोनों ही जेल में बंद हैं, उनके लिए शाम को अलग से बीस मिनट की मुलाकात भी हुई। हालांकि चांद का दीदार करने के लिए इन महिला बंदियों को बैरक से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी।
एक मुस्लिम महिला समेत 17 महिला बंदियों ने करवा चौथ का व्रत रखा है। जिन्हें पूजन सामग्री दी गई थी। वहीं सभी बंदियों के लिए हलवा पूड़ी और सब्जी परोसी गई है। पतियों से मुलाकात करने के लिए भी महिलाओं की काफी भीड़ रही।
- शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक