जलीलपुर में प्याज और मैथी की खेती दिखाता किसान।
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दाम में उछाल से प्याज के प्रति बढ़ा किसानों का रुझान
बिजनौर। गन्ना बेल्ट के किसानों का रुझान प्याज की खेती की तरफ बढ़ रहा है। प्याज के दामों से फायदा उठाने के लिए जिले के किसानों ने प्याज की खेती को अपनाना शुरू किया है। पूर्व में इक्का दुक्का किसान ही प्याज की खेती करते थे, लेकिन पहली बार इस साल 500 हेक्टेयर से भी अधिक जमीन में प्याज की खेती की जा रही है।
प्याज के दामों में आग लगी हुई है। प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। कई होटलों पर सलाद में प्याज के बजाए मूली ही परोसी जा रही है। जिले में प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र से होती है। प्याज की बढ़ी कीमतों का फायदा उठाने के लिए जिले के किसानों ने भी इस बार प्याज की खेती की ओर रुझान किया है। आमतौर पर जिले में प्याज की न के बराबर खेती होती है। लेकिन इस साल पहली बार 500 हेक्टेयर से अधिक जमीन में प्याज की फसल बोई गई है। प्रदेश सरकार की ओर से भी पहली बार प्याज की फसल बोने पर अनुदान दिया गया है। अगर किसानों को प्याज के दाम अच्छे मिले तो अगले साल भी वे प्याज की फसल बोएंगे। किसान लोकेंद्र सिंह ने बताया कि प्याज के मुकाबले वे सब्जी की बाकी फसलों को महत्ता देते हैं, लेकिन दाम अच्छे होने से उन्होंने भी इस साल प्याज बोई है।
सभी फसल बोएं किसान :
जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक का कहना है कि इस बार जिले के किसानों ने प्याज की खेती शुरू की है। किसान को सब्जी की सभी फसल बोनी चाहिएं। प्याज की सहफसली खेती भी की जा सकती है।