भीषण गर्मी में सात घंटे डटे रहे किसान
बिजनौर। किसान सम्मान बचाओ महापंचायत में सुबह 11 बजे से ही किसान पहुंचने आरंभ हो गए थे। मंगलवार को जनपद का तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन मौसम में उमस व गर्मी थी, लेकिन समस्याओं के आगे किसानों की भीड़ करीब सात घंटे महापंचायत स्थल पर जमी रही। चौधरी नरेश टिकैत करीब तीन बजे महापंचायत स्थल पर पहुंचे। उनके संबोधन के बाद प्रशासनिक अफसरों की कई दौर में वार्ता चली, लेकिन नतीजे तक नहीं पहुंची। शाम करीब छह बजे तक किसानों की भीड़ पंचायत में बैठी रही। उनके संबोधन से पहले भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, ठाकुर रामौतार सिंह, होशियार सिंह, धर्मवीर सिंह धनकड़ आदि ने जनपद की समस्याओं व किसानों के उत्पीड़न को उठाया। हापुड़ के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह ने किसानों के शोषण की निंदा की और कहा कि वह किसानों की लड़ाई में हर वक्त साथ है। हरिद्वार के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री व गढ़वाल मंडल के अध्यक्ष संजय चौधरी ने किसानों की समस्याओं को उठाया। कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के एक इशारे पर उत्तराखंड से हजारों किसान बिजनौर कूच कर देंगे। सिसौली से आए मास्टर ओमपाल सिंह ने कहा कि किसान का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फ्री नहीं, न्यूनतम दरों पर चाहिए बिजली
बिजनौर। कहा कि हम सब को जाति-धर्म की सोच से ऊपर उठकर किसान बनना होगा। हमें किसी की बातों में फंसना नहीं है। वरना सरकारें किसानों का यूं ही उत्पीड़न करती रहेंगी। हम सब को आपस में बिना भेदभाव और प्रेम से रहना होगा। भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा, छत्तीसगढ़, पंजाब में बिजली सस्ती है और यूपी में किसानों को महंगी बिजली दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में सरकार किसान को नलकूप लगाने में 75 प्रतिशत अनुदान देती है। चुनाव में नलकूपों को फ्री बिजली देने की बात कही गई थी। किसानों को फ्री बिजली नहीं चाहिए, न्यूनतम दरों में ही बिजली दे दो। वादा पूरा करने की जगह नलकूपों पर मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाकियू से अलग जो गए हैं वह भी हमारे ही भाई थे। वह 35 साल संगठन में रहकर अपने इतिहास को दाग लगाकर गए। भाकियू से एक जाएगा, तो उसकी जगह एक हजार लोग आएंगे। संगठन आज भी उससे ज्यादा ताकत में किसानों की आवाज उठा रहा है।
ये रहे महापंचायत में उपस्थित
महापंचायत में जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, टोडर सिंह, सुरपाल सिंह, धर्मवीर सिंह धनकड़, बाबूरात तोमर, राजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र राणा, विरेंद्र सिंह, होशियार सिंह, संदीप त्यागी, महावीर सिंह, सतेंद्र सिंह, मास्टर विजयपाल सिंह, ठाकुर रामौतार सिंह, दिनेश कुमार, डालचंद प्रधान आदि उपस्थित रहे।