बिजनौर। किसानों की समस्याओं के निदान की मांग को लेकर किसानों ने कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। बाद में भारतीय किसान यूनियन की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान मंगलवार को बिजनौर गन्ना समिति प्रांगण में एकत्र हुए, यहां किसानों की भीड़ पंचायत में बदली। पंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि मजदूर और किसान आज पूरे भारत में अपने मुद्दों को उजागर करने और निवारण की मांग के लिए संयुक्त रूप से विरोध कर रहे हैं। 26 नवंबर को लामबंदी के माध्यम से विरोध दिवस के रूप में चुना है। लंबे संघर्ष के बाद जब कृषि कानून वापस लिए गए थे, तब किसानों से किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। खेती की लागत और मुद्रास्फीति हर साल 12-15 से अधिक की दर से बढ़ रही है, सरकार एमएसपी में केवल 2 से 7 प्रतिशत की वृद्धि कर रही है।
सीटूएस 50 प्रतिशत फॉर्मूले को लागू किए बिना और खरीद की कोई गारंटी दिए बिना 2024-25 में राष्ट्रीय धान के एमएसपी को केवल 5.35 प्रतिशत बढ़ाकर 2300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। बाद में किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे, वहां उन्होंने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पश्चिम प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूराम तोमर, प्रदेश महासचिव ठाकुर रामअवतार सिंह, कुलदीप सिंह, दिनेश कुमार, जितेंद्र पहलवान, मास्टर विजयपाल सिंह, कोमन सिंह, कविराज सिंह, धर्मेंद्र राणा, डॉ. विजय चौधरी, संदीप त्यागी, अंकुर चौधरी आदि रहे।