कलक्ट्रेट में जाने के लिए गेट पर लगे ताले को तोड़ते भाकियू कार्यकर्ता।
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बिजनौर में बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में किसान मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। भाकियू ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। किसान मेन गेट में लगे ताले को तोड़कर जबरन कलक्ट्रेट में घुस गए। करीब पांच घंटे तक धरना दिया। इस दौरान कलक्ट्रेट में अफरातफरी का माहौल रहा। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और व्यापारी सांठगांठ करके संगठित गिरोह की तरह किसानों को लूट रहे हैं।
भाकियू के आह्वान पर किसान गन्ना समिति में इकट्ठा हुए। प्रदर्शन करते हुए दोपहर करीब 12:15 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट के मेन गेट पर भारी संख्या में पुलिस थी, गेट में ताला लगा देख किसान भड़क उठे। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पुलिस से तीखी झड़प हुई। किसान शोर मचाते हुए गेट की ओर दौड़ पडे़ और गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। इसके बाद कलक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि अफजलगढ़ क्षेत्र में किसान वन विभाग के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। डीएफओ किसानों की बात नहीं सुन रहे हैं। बिजली की दरों में वृद्धि किसान उत्पादों के मुकाबले 150 गुना की गई है, इससे किसान बर्बाद हो जाएंगे। आरोप लगाया कि उत्तम शुगर मिल गन्ना खरीद में किसानों को परेशान कर रहा है। साजिश के तहत जिला अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिला प्रशासन लोकतंत्र की हत्या करने पर तुला है। यह मुकदमा वापस नहीं हुआ तो किसान 23 दिसंबर को सामूहिक गिरफ्तारी देंगे।
एसडीएम सत्येंद्र सिंह, सीओ सदर गजेंद्र पाल सिंह ने कलक्ट्रेट के गेट पर ताला डालने को लेकर खेद जताया। इसके बाद एडीएम मदन सिंह ने किसानों से वार्ता की। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार अफजलगढ़ क्षेत्र के जिस गांव को वन विभाग खाली कराना चाहता है, वहां अब यथा स्थिति रहेगी, प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शाम को करीब चार बजे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान प्रदेश सचिव रामऔतार सिंह, चौधरी बलराम सिंह, नरदेच सिंह, देवदत्त शर्मा, सुनरल प्रधान, समरपाल, लक्ष्मीनारायण मौजूद रहे।