फोन कर किसान घर से बेच सकते हैं गेहूं
बिजनौर। गेहूं क्रय केंद्र अब किसान के घर जाकर भी गेहूं की खरीद करेंगे। गेहूं खरीदने के लिए अब शासन ने गेहूं क्रय केंद्रों को कॉल सेंटर भी बना दिया है। अगर किसान को गेहूं बेचना है तो वह केंद्र प्रभारी को फोन कर अपने घर भी बुला सकता है। केंद्र प्रभारी किसान के घर जाकर भी गेहूं खरीदेंगे। इससे किसान की फसल भी बिक जाएगी और सरकारी लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा।
शासन ने जिले में 43 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 43 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन अब तक सात हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो पाई है। किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लाना पसंद नहीं कर रहे हैं। हालांकि गेहूं के बाजार भाव व क्रय केंद्रों पर भाव में ज्याद फर्क नहीं है। क्रय केंद्रों पर गेहूं का दाम 1900 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि बाजार में दाम दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक है। दो हजार का मूल्य भी गेहूं की एक या दो प्रजाति के लिए ही दिया जा रहा है। फिर भी किसान बाजार को ही ज्यादा तवज्जो दे रहा है। जिससे गेहूं की खरीद पिछड़ रही है।
किसानों को को लुभाने के लिए अब प्रशासन ने क्रय केंद्रों को कॉल सेंटर बना दिया है। गेहूं बेचने के लिए किसान को क्रय केंद्र पर आने की जरूरत नहीं है। किसान घर बैठे भी केंद्र प्रभारी को फोन कर सकते हैं। केंद्र प्रभारी अपनी टीम के साथ किसान के साथ घर जाकर गेहूं खरीदेंगे। सरकार द्वारा किसान का भुगतान कर दिया जाएगा।
काला गेहूं खरीद लेते हैं व्यापारी
इस बार बारिश की वजह से कई क्षेत्रों में गेहूं काला भी हो गया था। यह क्रय केंद्रों के मानकों पर खरा नहीं उतरता है। लेकिन व्यापारी या आटा चक्की चलाने वाले किसानों से ये गेहूं भी खरीद लेते हैं। इसलिए भी किसान बाजार की ओर रुख करते हैं।
किसान नहीं ला रहे गेहूं
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा का कहना है कि किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं ला रहे हैं। किसानों को सुविधा देने के लिए क्रय केंद्रों को कॉल सेंटर बना दिया गया है। किसान अपने पास के क्रय केंद्र पर फोन कर घर से गेहूं बेच सकते हैं।