ऑनलाइन भूलेख साॅफ्टवेयर का शुभारंभ करती डीएम बी चन्द्रकला।
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बिजनौर में किसानों को अब खतौनी लेने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं काटने होंगे। किसान घर बैठे अपनी खतौनी की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही जमीन का क्रय-विक्रय होने पर अमलदरामद की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। दाखिल खारिज होने पर किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस भी भेजा जाएगा। वेब आधारित ऑनलाइन भूलेख साफ्टवेयर सभी तहसीलों में लागू करने वाला बिजनौर सूबे का पहला जिला बन गया है। डीएम बी चंद्रकला ने इस प्रणाली का सोमवार को तहसील में उद्घाटन किया।
सोमवार को तहसील में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी जनसेवा केंद्र या नेट बैंकिंग से भी खतौनी की डिजीटल हस्ताक्षरित खतौनी किसी भी समय प्राप्त की जा सकती है। इससे किसान की भूमि पर कोई दूसरा व्यक्ति ऋण नहीं ले सकेगा। http;//upbhulekh.gov.in से खतौनी प्राप्त की जा सकती है। खुद किसान को भी बैंक से ऋण लेने में किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। साफ्टवेयर पर किसान की खतौनी खुद ही अपडेट होती रहेगी।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी नंदकिशोर ने बताया कि किसान की खतौनी को मोबाइल व आधार नंबर से भी जोड़ा जाएगा। एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा ने बताया कि खतौनी ऑनलाइन होने से बैंक में केसीसी संबंधित किसान के सभी कामों में तेजी आएगी। एसडीएम विनीत कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया। सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा, तहसीलदार करम सिंह, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।