बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू के नेतृत्व में धरना चल रहा है। सोमवार को धरने पर हुई पंचायत में बिलाई मिल से गन्ने के बकाया भुगतान और वर्षों से लंबित ब्याज के हिसाब को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। पदाधिकारियों ने भुगतान में देरी को लेकर तीखे सवाल खड़े किए और स्पष्ट कहा कि किसानों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पूरा हिसाब और भुगतान चाहिए।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू और संगठन के पश्चिम उत्तर प्रदेश के महासचिव कैलाश सिंह लांबा ने बताया कि धरना स्थल पर सदर उपजिलाधिकारी, सदर तहसीलदार, जिला गन्ना अधिकारी और बिलाई मिल के जीएम के साथ किसानों की वार्ता हुई। बैठक में मिल के शेष भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वार्ता के दौरान बिलाई मिल के जीएम ने किसानों के बीच 12.50 करोड़ रुपये के भुगतान की घोषणा की। हालांकि किसानों ने साफ कर दिया कि केवल भुगतान की घोषणा से उनकी वर्षों पुरानी समस्या समाप्त नहीं होगी। कैलाश सिंह लांबा ने जिला गन्ना अधिकारी से सवाल किया कि गन्ने के बकाया भुगतान में हुई देरी पर किसानों को मिलने वाले ब्याज का क्या होगा? ब्याज की गणना कब तक पूरी होगी और कब मिलेगी। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि 30 साल से लंबित भुगतान और ब्याज का पूरा हिसाब जल्द नहीं दिया गया, तो बड़ी महापंचायत का ऐलान किया जाएगा। इस दौरान राजपाल भगत, उदित प्रधान, संजीव कुमार, सूरवीर प्रधान, खिलेंद्र सिंह, दिनेश, अंकुर कुमार, अमर सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
-भाकियू लोकशक्ति ने दिया समर्थन
बिजनौर। भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने पदाधिकारियों के साथ डीसीओ कार्यालय पहुंचे, वहां चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। कहा कि किसानों के लंबित गन्ना भुगतान तथा बकाया भुगतान पर देय ब्याज की मांग की।